कोरोना महामारी के बीच फतेहाबाद में ब्लैक फंगस बीमारी ने भी दस्तक दे दी है। फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में दाखिल 45 वर्षीय महिला में ब्लैक फंगस के लक्षण मिले हैं। फिलहाल महिला आईसीयू में दाखिल है। महिला को 10 दिन पहले कोरोना हुआ था। इसके बाद उसे नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां अब उसमें ब्लैक फंगस के लक्षण दिखे हैं। हालांकि, महिला की कोरोना संबंधी रिपोर्ट अब निगेटिव आ चुकी है। ब्लैक फंगस का जिले में यह पहला केस है।
अग्रोहा मेडिकल कॉलेज व पीजीआई रोहतक में दाखिले से किया इनकार
जानकारी के अनुसार महिला के ब्लैक फंगस के इलाज के लिए परिजन रोहतक पीजीआई और अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों से संपर्क करके आये हैं। मगर दोनों जगह महिला को इलाज के लिए दाखिला देने से इनकार कर दिया गया है। फिलहाल महिला फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल के आईसीयू में ही दाखिल है।
महिला में ब्लैक फंगस के लक्षण दिखे हैं। उसके नाक पर सूजन आई हुई है। ब्लैक फंगस के इलाज की सुविधा नागरिक अस्पताल में नहीं है। इसलिए परिजनों को मेडिकल कॉलेज या पीजीआई में संपर्क करने को कहा है।
-डॉ. मुनीश टुटेजा, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद
पहले नाक व जबड़े, फिर आंख व दिमाग पर असर करता है ब्लैक फंगस
डॉक्टर के अनुसार कोरोना मरीजों में ब्लैक फंगस के लक्षण दिखते हैं। सबसे पहले नाक व जबड़े पर इसका असर होता है। इसके बाद आंख और फिर दिमाग पर असर पड़ता है। आंख तक ब्लैक फंगस के पहुंचने पर आंख निकालनी पड़ती है ताकि आगे संक्रमण रोका जा सके। दिमाग तक पहुंचने पर मरीज की जान भी जा सकती है।