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Fatehabad: लक्ष्मण नापा के समर्थकों ने फूंका भाजपा प्रत्याशी सुनीता दुग्गल का पुतला, बगावत का दौर जारी

Wed, 11 Sep 2024 09:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)

सार

सोमवार को जनसभा में सुनीता दुग्गल ने सीएम की मौजूदगी में कहा था कि रतिया से अगर उन्हें जिताया जाता है, तो कल को कोई यह नहीं कहेगा कि उनका विधायक जुआ खेलता है, शराब पीता है, सट्टा लगाता है।
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रतिया में भाजपा प्रत्याशी सुनीता दुग्गल का पुतला फूंका - फोटो : संवाद
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विस्तार
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रतिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की उपस्थिति में सोमवार को भाजपा की जनसभा में रतिया विधानसभा से भाजपा की उम्मीदवार सुनीता दुग्गल की ओर से इशारों-इशारों में किए गए कटाक्ष के विरोध में मंगलवार को विधायक लक्ष्मण नापा के समर्थकों व ओड समाज के लोगों ने सुनीता दुग्गल के खिलाफ शहर में रोष प्रदर्शन किया। साथ ही सुनीता दुग्गल का पुतला फूंककर रोष जताया गया।

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रोष प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ओड समाज के अध्यक्ष सुभाष मजोका की अगुवाई में सुनीता दुग्गल के खिलाफ शहर के बाजारों में रोष जुलूस निकाला गया। इसके बाद भगत सिंह चौक पर सुनीता दुग्गल का पुतला फूंका गया। साथ ही चेतावनी दी कि अगर सुनीता दुग्गल ने माफी नहीं मांगी तो पूरे हरियाणा में भाजपा के खिलाफ ओड समाज रोष प्रदर्शन करेगा और दुग्गल को किसी भी गांव में प्रचार नहीं करने दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सुनीता दुग्गल ने बेबुनियाद बातें कहकर विधायक के सामाजिक मान-सम्मान को ठेस पहुंचाई है, इससे लोगों में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि सुनीता दुग्गल ने जनसभा में भीड़ न जुटने के चलते बौखलाकर यह बयान दिया है। प्रदर्शन करने वालों में विधायक के बेटे सुमित नापा, शिवदयाल, श्याम कंबोज, सरपंच महेंद्र लखेरा ने आरोप लगाया कि सुनीता दुग्गल अपनी हार को देखकर बौखला चुकी हैं और विधायक के खिलाफ झूठे बयान दे रही हैं।
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अगर सुनीता दुग्गल ने अपने दिए गए बयान के बारे में माफी नहीं मांगी तो पूरे हरियाणा में भाजपा के प्रति रोष प्रदर्शन किया जाएगा और सुनीता दुग्गल को भी किसी गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा।

गौरतलब है कि सोमवार को जनसभा में सुनीता दुग्गल ने सीएम की मौजूदगी में कहा था कि रतिया से अगर उन्हें जिताया जाता है, तो कल को कोई यह नहीं कहेगा कि उनका विधायक जुआ खेलता है, शराब पीता है, सट्टा लगाता है। उन्होंने यह भी कहा था कि विधायक सरपंची तक का चुनाव नहीं जीत पाए थे और भाजपा में आने के बाद उन्हें विधायक बनाया। यदि वे पार्टी नहीं छोड़ते तो भाजपा ने उनके लिए बहुत अच्छा सोच रखा था।

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