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बेटी होने के बाद दस साल पहले गोद लिया था बेटा, अंतिम सफर पर उसे भी साथ ले गया

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मौके पर पहुंची पुलिस टीम। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। बेटी के प्रेम विवाह से आहत होकर परिवार सहित आत्महत्या करने वाले निरंजन दास का खुद का कोई बेटा नहीं था। बेटे की चाह के चलते उन्होंने तकरीबन 9-10 साल पहले एक नवजात बच्चे को गोद ले लिया था और पूरे दस साल तक सगे पिता से बढक़र उसका लालन-पोषण किया। लेकिन घर में उपजे तनाव व मानसिक परेशानी के चलते निरंजन ने वो कदम उठा लिया, जिसके बारे में सोचकर ही किसी भी पिता की रूह कांप जाए। उन्होंने अपने दस साल के बेटे हर्ष व पत्नी नीलम सहित अपनी गाड़ी नहर में गिरा दी और अगले दिन सुबह जब वो गाड़ी बाहर निकाली गई, तब तक वो तीनों दुनिया छोड़ चुके थे।
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रतिया में सोमवार को सारा दिन ये घटना लोगों के जुबां पर थी और पूरे शहर को इस घटना ने स्तब्ध कर दिया। इसके बाद लोग कई चौक-चौराहों पर इस घटना और इसके पीछे के कारणों पर सारा दिन चर्चा करते नजर आए। मृतक निरंजन दास के जानने वालों की मानें तो निरंजन लोगों के सुख-दुख में शामिल होने वाला और साफ दिल का इनसान था। आसपास के लोगों की मानें तो निरंजन का काम भी मंदा चल रहा था जिसके चलते वो परेशान तो था, लेकिन एक माह पहले बेटी की लव मैरिज ने उसे अंदर से तोड़ दिया। लेकिन किसी को ये अंदेशा नहीं था कि निरंजन इतना बड़ा कदम उठा लेगा।
एक माह पहले चंडीगढ़ में बेटी ने कर ली थी शादी
मिली जानकारी के अनुसार पुलिस को दी शिकायत में नरेश कुमार ने बताया है कि मृतक निरंजन दास की बेटी रजनी 21 अक्तूबर को घर से चली गई थी और उसने ओम के साथ 22 अक्तूबर को चंडीगढ़ के एक मंदिर में शादी कर ली और हाईकोर्ट से पुलिस प्रोटेक्शन लेकर 25 अक्तूबर को रतिया पहुंची थी। इसके बाद से ही निरंजन दास परेशान चल रहा था और आए दिन रजनी के ससुरालजन उसे व परिवार को ताने देते थे। जिसके बाद उसने अपनी व परिजनों की जिंदगी को समाप्त करना ही बेहतर समझा।
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