फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘पराली जलाने की सूचना देने पर मिलेगा एक हजार रुपये का इनाम’

विज्ञापन
हरियाणा की मुख्य सचिव केसनी आनंद अरोड़ा की वीडियो कॉन्फ्रेंस में उपस्थित उपायुक्त धीरेन्द्र खड? - फोटो : Fatehabad
विज्ञापन
फतेहाबाद। प्रदेश की मुख्य सचिव केसनी आनंद अरोड़ा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक लेकर पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम और फसल अवशेष प्रबंधन की दिशा में कदम उठाने के लिए अधिकारियों के साथ समीक्षा की। उन्होंने जिलावार समीक्षा करते हुए सभी उपायुक्तों व कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों से पराली प्रबंधन की दिशा में जानकारी ली और उन्हें जरूरी दिशा निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अवगत करवाया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी लोगों से अपील की है कि वे पराली जलाने की घटनाओं की सूचना सरकार या प्रशासन को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति को एक हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम भी गोपनीय रखा जाएगा।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि प्रदूषण पर नियंत्रण रखने के लिए पूरी सख्ती और गंभीरता के साथ काम किया जाए। पराली जलाए जाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए किए गए प्रयास रुकने नहीं चाहिए और इस दिशा में कोई सख्त कदम भी उठाने पड़े, तो उसमें भी देरी न की जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि एनजीटी व माननीय उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देशों की हर हाल में कड़ाई से अनुपालना होनी चाहिए। लोगों में जागरूकता पैदा करके उन्हें यह समझाया जाए कि वे पराली को न जलाए और इसका प्रबंधन करे।
आगजनी की प्रतिदिन की रिपोर्ट भेजें
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पराली जलाने के लिए किए गए प्रबंधों और आगजनी जैसी घटनाओं की प्रतिदिन की रिपोर्ट भिजवाना सुनिश्चित करे। इसके अतिरिक्त किसी क्षेत्र में पराली जलाने की घटनाएं होती है तो उस क्षेत्र में तैनात टीम सदस्यों से यह पूछा जाए कि पराली क्यों जली। लोगों में जागरूकता के लिए मोबाइल वैन टीमें बनाए और जरूरत अनुसार जागरूकता वाहनों के माध्यम से भी लोगों को जागरूक करे।
विज्ञापन

फायर ब्रिगेड के वाहनों की जानकारी दी
वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान उपायुक्त धीरेन्द्र खडग़टा ने मुख्य सचिव को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे स्वयं फसल अवशेष प्रबंधन की समीक्षा नियमित रूप से कर रहे हैं और संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी इसकी गंभीरता को समझते हुए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने जिला में फायर ब्रिगेड के वाहनों इत्यादि की स्थिति की जानकारी मुख्य सचिव को दी और उनसे आग्रह किया कि वे आईसीई के तहत और अधिक धनराशि उपलब्ध करवाए ताकि पराली प्रबंधन इत्यादि में इसका उपयोग किया जा सके। उन्होंने मुख्य सचिव से यह भी आग्रह किया कि जिन जिलों में कृषि यंत्रों की संख्या अधिक है और उपयोगिता कम है, ऐसे कृषि यंत्रों को जिला फतेहाबाद के लिए अलॉट करे ताकि ये इन कृषि यंत्रों को किसानों को उपलब्ध करवाए जा सके। उन्होंने कहा कि कृषि यंत्र किसानों को उपलब्ध करवाए जाने जैसे कार्यों से निश्चित तौर पर पराली जलाने जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा इसके अलावा फसल प्रबंधन के कार्य को भी बल मिलेगा। वीडियो कॉन्फ्रेंस में डीआरओ राजेश कुमार, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. बलवंत सहारण, जिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग व डीआईओ सिकंदर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें