सैनिक सूबेदार प्रताप सिंह भारी का फाइल फोटो
फतेहाबाद। भट्टूकलां के गांव सूलीखेड़ा में वीरवार रात को गमगीन माहौल हो गया। क्षेत्र के गौरव और तीन-तीन युद्धों के जांबाज सैनिक सूबेदार प्रताप सिंह भारी (87) वर्षीय का निधन हो गया। वे पिछले कई दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे और वीरवार राता अंतिम सांस ली।
बेटे रामनिवास ने बताया कि सूबेदार प्रताप सिंह उन सैनिकों में से थे जिन्होंने भारत की तीन निर्णायक लड़ाइयों 1962, 1965 और 1971 में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सीमा की रक्षा, देश की सुरक्षा और सैनिक धर्म को सर्वोपरि रखते हुए उन्होंने हमेशा अपने कर्तव्य को निभाया। उनके साहस और समर्पण का किस्सा आज भी गांव के लोगों की जुबान पर है।
शुक्रवार को गांव सूलीखेड़ा में पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों, परिजनों, पूर्व सैनिकों और स्थानीय लोगों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। बेटे रामनिवास के अनुसार वर्ष 1988 से लेकर 1999 तक जिला सैनिक बोर्ड में भी नौकरी की है।