टोहाना। एंटी करप्शन ब्यूरो ने सदर थाना में कार्यरत सब इंस्पेक्टर (एसआई) महेंद्र को सोमवार को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी इंचार्ज विजेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी एसआई ने रोडवेज के फर्जी पास मामले में पकड़े राहुल के मामले को निपटारे के नाम पर उनके घर जाकर 72 हजार रुपये की मांग की थी।
एसीबी इंचार्ज विजेंद्र सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता राकेश के खिलाफ रोडवेज विभाग के जीएम ने गलत बस पास बनवाने पर एसपी को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा। एसपी ने इस मामले की जांच सदर थाने के एसआई महेंद्र को सौंप दी। आरोप है कि एसआई शिकायतकर्ता के घर गया और धमकी दी या तो 72 हजार रुपये दे दो नहीं तो अंदर कर दूंगा। दबाव में आकर शिकायतकर्ता ने एसआई को 35 हजार रुपये देने की हामी भर दी। इसके बाद राकेश ने अपने बुआ के लड़के राहुल को बुलाकर आपबीती सुनाई।
बुआ के ल़ड़के से मशविरा कर शिकायतकर्ता राकेश ने एंटी करप्शन ब्यूरो से शिकायत कर दी थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने टीम गठित कर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जाल बिछाया। सोमवार को एसआई महेंद्र ने राकेश और राहुल को थाने बुलाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने 35 हजार रुपये एसआई को दिए टीम ने उसे रंगेहाथ दबोच लिया।
इंचार्ज विजेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी एसआई से पूछताछ जारी है कि उसने अकेले पैसे मांगे थे या कोई और भी शामिल है। फिलहाल आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर लिया गया है। कोर्ट में शिकायतकर्ता के 184 के बयान कराकर आरोपी को रिमांड पर लेकर जेल भेजा जाएगा।