महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से छात्राओं को जागरूक करते रेखा अग्रवाल। स्रोत सूचना विभाग
फतेहाबाद। राजकीय महाविद्यालय डाइट मताना में सोमवार को महिला एवं बाल विकास विभाग ने बाल विवाह, घरेलू हिंसा, दहेज निषेध अधिनियम और पॉश एक्ट के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। विद्यार्थियों और कॉलेज स्टाफ को महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों की जानकारी दी गई।
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल ने कहा कि बाल विवाह गंभीर सामाजिक और कानूनी अपराध है। इसे रोकना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नाबालिग बच्चों के विवाह की जानकारी मिलने पर पुलिस या महिला एवं बाल विकास विभाग को तुरंत सूचना देनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि बाल विवाह में शामिल किसी भी व्यक्ति को कानून के तहत दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। कार्यक्रम में पॉश एक्ट के प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि 10 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रत्येक संस्थान और कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम के लिए आंतरिक शिकायत समिति बनाना जरूरी है।
कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से परेशान महिला समिति के समक्ष शिकायत दर्ज करवा सकती है। इस दौरान सी-बॉक्स पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई गई। कॉलेज स्टाफ और विद्यार्थियों को घरेलू हिंसा, दहेज निषेध कानून और लिव-इन रिलेशनशिप के दुष्परिणामों की जानकारी भी दी गई।