भूना। प्राइवेट बसों के टिकट विवाद को लेकर विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए थाना अध्यक्ष ओमप्रका
भूना। टोहाना-भूना मार्ग पर शुक्रवार दोपहर बाद विद्यार्थियों का गुस्सा प्राइवेट बस संचालकों के खिलाफ फूट पड़ा। सिरसा-चंडीगढ़ रोड पर स्थित बस स्टैंड के सामने विद्यार्थियों ने जाम लगा दिया, जिससे यातायात व्यवस्था ठप हो गई।
प्रदर्शन कर रहीं छात्राओं का आरोप था कि प्राइवेट बस चालक और परिचालक उन्हें बस में चढ़ने नहीं देते और सरकार द्वारा जारी पास को भी मान्यता नहीं देते। छात्राओं का कहना है कि बीते कई दिनों से निजी बसों में चढ़ने पर उन्हें पास दिखाने के बावजूद नीचे उतार दिया जाता है। जबकि यह पास हरियाणा रोडवेज की बसों में पूरी तरह मान्य हैं।
शुक्रवार को जब कुछ छात्राएं टोहाना जाने के लिए एक प्राइवेट बस में सवार हुई तो चालक ने उनसे टिकट मांगा। पास दिखाने पर उन्हें टिकट लेने या बस से नीचे उतारने को कहने लगा। इससे नाराज छात्र-छात्राओं ने बस स्टैंड पर विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया और प्राइवेट बस मालिकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
वहीं हंगामे की जानकारी मिलते ही थाना अध्यक्ष ओमप्रकाश बिश्नोई दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए जाम हटाने का आग्रह किया। पुलिस की समझाइश के बाद छात्र सड़क से हट गए। इसके बाद बस स्टैंड परिसर में दोनों पक्षों में वार्ता शुरू हुई। एसएचओ ओमप्रकाश बिश्नोई ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी पासधारी विद्यार्थी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।
प्राइवेट बस यूनियन के प्रधान रामफल टोहाना ने बताया कि वर्ष 2016 की नीति के तहत छात्राओं की मुफ्त यात्रा का खर्च शिक्षा विभाग द्वारा वहन किया जाना था, लेकिन यह राशि अब तक निजी बस संचालकों को नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार कोई ठोस समाधान नहीं निकालती, तब तक रविवार तक छात्रों को बसों में चढ़ने से नहीं रोका जाएगा। सोमवार से पासधारी विद्यार्थियों को रियायती दर पर टिकट लेकर यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी।