फतेहाबाद के गांव सालमखेड़ा में पराली को लगाई गई आग।
- फोटो : Fatehabad
फतेेहाबाद। प्रशासन के लाख प्रयासों के बावजूद किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे। जिले में धान की पराली में आग लगाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। रविवार को हरसैक ने कृषि विभाग को जिले में पराली जलाने की 15 लोकेशन भेजी। कृषि विभाग ने अब तक 20 किसानों से 50 हजार रुपये की जुर्माने की राशि वसूली है। जिले में रविवार को एक्यूआई का स्तर 200 तक पहुंच गया, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए काफी घातक है।
प्रशासनिक अधिकारी व कृषि विभाग लगातार खेतों में जाकर किसानों को धान की पराली का प्रबंधन करने का आग्रह कर रहे हैं, वहीं अब प्रशासनिक सख्ती भी आवश्यक है, क्योंकि दिवाली पर्व पर भी शहर में जमकर पटाखे फोड़े जाएंगे, जिसके बाद से एक्यूआई में जबरदस्त बढ़ोतरी होने और प्रदूषण बढ़ने की संभावना है। खास बात यह है कि आगे चार दिन सरकारी अवकाश है। ऐसे में अधिकारी व कर्मचारी अवकाश में रहेंगे और किसान इन्हीं दिनों की तलाश में रहते हैं। इस दौरान जमकर पराली जलाई जाती है और एक्यूआई 300 के पार पहुंचने की आशंका है।
पिछले साल दीपावली पर एक्यूआई था 350 पार
बता दें कि बीते वर्ष दीपावली पर एयर क्वालिटी इंडेक्स 350 को पार कर गया था। दीपावली के अगले दिन सुबह आसमान में बादलों जैसा धुआं छाया हुआ था और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। यहां तक कि दमा व सांस के मरीजों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया था।
कोट
किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए लगातार प्रयत्न किए जा रहे हैं। जो किसान पराली जला रहे हैं उनको जुर्माना भी किया जा रहा है। इस साल पिछले साल की अपेक्षा पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है।
-डॉ. राजेश सिहाग, कृषि उपनिदेेशक फतेहाबाद।