फतेहाबाद। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के चलते बुधवार को सबसे ज्यादा असर स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों व गर्भवती के टीकाकरण पर पड़ा। बुधवार को राष्ट्रीय टीकाकरण के तहत अभियान चलाया जाता है। कर्मचारियों के हड़ताल के चलते टीकाकरण नहीं हुआ। स्वास्थ्य केंद्रों के मुख्य गेट पर नोटिस लगा दिए गए, जिन्हें देखकर महिलाएं लौट गईं। वहीं लेबर रूम और नर्सरी में भी स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हुई। वहीं मांगों पर सहमति न बनने से कर्मचारियों ने हड़ताल को चार दिन के लिए बढ़ा दिया है।
जिले में बुधवार को 54 फीसदी कर्मचारी हड़ताल पर रहे। 437 में से 238 कर्मचारी बुधवार को हड़ताल में शामिल हुए। कर्मचारियों ने अस्पताल के बाहर धरना दिया। वहीं कर्मचारियों की हड़ताल का असर एंबुलेंस सेवा पर पड़ा। बुधवार को जिले में 11 एंबुलेंस बंद रहीं और 17 एंबुलेंस को रोडवेज और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने संभाला, हालांकि ये एंबुलेंस बिना ईएमटी के ही दौड़ी। उधर फतेहाबाद में एनएचएम कर्मचारियों ने हड़ताल को जारी रखते हुए कामकाज ठप रखा और नागरिक अस्पताल के बाहर धरना दिया। धरने की अध्यक्षता संघ के जिला प्रधान पुष्कर दहिया ने की व संचालन जितेंद्र भदौरिया द्वारा किया गया। पूर्व संसदीय सचिव एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा ने धरनास्थल पर पहुंचकर एनएचएम कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया और सरकार से तुरंत बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं को बहाल करने की मांग की। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष पुष्कर दहिया, जितेंद्र भदौरिया व नरेंद्र खरब ने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए वे कृतसंकल्प है। अपनी जायज मांगों को लेकर उन्होंने पहले अनेक बार विधायकों, मंत्रियों और विभाग के उच्चाधिकारियों को मांग पत्र भेजे लेकिन जब कोई कार्यवाही नहीं हुई तो उन्हें सेवाएं बंद कर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
हड़ताल पर रहे ये कर्मचारी
कार्यरत कुल कर्मचारी हड़ताल में शामिल
सीएमओ कार्यालय 24 18
आयुष 14 0
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद 49 22
अस्पताल टोहाना 21 14
यूपीएचसी टोहाना 11 10
अस्पताल रतिया 68 39
सीएचसी भूना 47 3
सीएचसी भट्टूकलां 44 26
सीएचसी जाखल 44 17
सीएचसी बड़ोपल 20 12
आरटीएस 67 58
यूपीएचसी फतेहाबाद 13 10
एनएमएचपी 6 1
कोट
बुधवार को जिले में एनएचएम के 237 कर्मचारी हड़ताल पर रहे हैं। हड़ताल का असर टीकाकरण अभियान पर रहा है। हालांकि व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. संगीता अबरोल, कार्यकारी सिविल सर्जन
कोट
एनएचएम कर्मचारी तीन से हड़ताल पर है, बुधवार को बातचीत के लिए बुलाया गया था। पंचकूला में इसको लेकर करीब दो घंटे तक बैठक भी चली। लेकिन मांगों पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। इसके चलते हड़ताल को चार दिनों तक आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
- विपिन शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ