फतेहाबाद। तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की हड़ताल समाप्त होने के बाद बुधवार सुबह अधिकारी कार्यालयों में लौटे। जिले की सभी तहसीलों में रजिस्ट्री और अन्य राजस्व कार्यों के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। पहले ही दिन 183 रजिस्ट्री हुईं, जबकि 212 नए आवेदन आए।
तहसीलदारों की हड़ताल से पहले पटवारी भी आंदोलन पर थे। इससे जमीन की खरीद-फरोख्त, डोमिसाइल, जाति प्रमाण पत्र और अन्य राजस्व कार्य करीब दस दिनों तक प्रभावित रहे। काम शुरू होते ही रजिस्ट्री कार्यालयों में लंबित मामलों को निपटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
379 रजिस्ट्रियां लंबित हैं जिले में :
हड़ताल के दौरान जहां जनता को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं सरकार को भी करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। बुधवार सुबह 9 बजे से इंतकाल वेरिफिकेशन और कोर्ट मामलों की सुनवाई भी शुरू हो गई। जिले में फिलहाल 379 रजिस्ट्रियां लंबित हैं जिन्हें वीरवार और शुक्रवार तक मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
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मैं पिछले 10 दिनों से जमीन की रजिस्ट्री के इंतजार में ई-दिशा केंद्र के चक्कर लगा रहा हूं। पिछले 6 दिनों से तहसीलदार तो इससे पहले पटवारी हड़ताल पर थे। रजिस्ट्री होने के बाद राहत मिली है।
ओमप्रकाश, निवासी भोडिया खेड़ा।
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मैंने शुक्रवार को रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन टोकन कटवाया था। तहसीलदार के हड़ताल पर रहने के चलते मेरी जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकी। बुधवार को दोपहर बाद रजिस्ट्री हुई है। हड़ताल के कारण काफी परेशानी उठानी पड़ी।
हरजीत सिंह।
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रजिस्ट्री संबंधी कार्य करवाने को लेकर शुक्रवार को रजिस्ट्री कार्यालय में पहुंचा था लेकिन तहसीलदार के हड़ताल पर होने के चलते मेरा काम नहीं हो सका। इसके बाद रजिस्ट्री करने की अनुमति एसडीएम को दी गई थी। इसके बावजूद भी रजिस्ट्री नहीं हुई।
राकेश, निवासी गांव झलनिया।
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मैं सोमवार से टोकन कटवाकर रजिस्ट्री का इंतजार कर रहा हूं लेकिन रजिस्ट्री का कार्य नहीं हो सका। बुधवार को रजिस्ट्री होने के बाद राहत मिली है।
संदीप।