नगर परिषद के सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण शहर में मुख्य चौराहों और डंपिंग प्वाइंट पर कचरे के ढ़ेर लगे रहे। बाजार और वार्ड में सफाई न होने के कारण सड़कों पर सफाई व्यवस्था खराब रही।
दो दिनों में करीब 50 टन कचरा शहर से नहीं उठा। इसके अलावा नप अधिकारियों ने भी कर्मचारियों को मनाने का प्रयास नहीं किया और ही वैकल्पिक व्यवस्था की गई। सफाई न होने के कारण शहर के मुख्य रोड भट्टू रोड पर अस्पताल के सामने कचरा के ढेर लगे रहे। यहां पर रविवार को कचरा डाला गया था जो कि नहीं उठाया गया। इसके अलावा बस स्टैंड के सामने, ताऊ देवीलाल मार्केट, पंजाब नेशनल बैंक के सामने,बीघड़ रोड, फव्वारा चौक पर कचरा के ढेर लगे रहे।
कर्मचारियों की मांग
- ठेका प्रथा खत्म की जाए
- समान काम समान वेतन दिया जाए
- सीवर मैन और फायर मैन को रिस्क भत्ता दिया जाए।
- दमकल विभाग में ठेका प्रथा खत्म की जाए
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर नगरपरिषद कार्यालय प्रांगण में धरना दिया। सफाई कर्मचारियों के अलावा फायर कर्मचारियों, टाटा ऐस चालकों ने भी आंदोलन में भाग लिया। धरने की अध्यक्षता प्रधान राजाराम टांक ने की व संचालन ओमप्रकाश लोट ने किया। संघ के वरिष्ठ उपप्रधान रमेश तुषामढ़ ने कहा कि यदि सरकार ने अब भी उनकी मांगों का समाधान नहीं किया तो संघ आंदोलन को तेज करने पर मजबूर होगा। उन्होंने कर्मचारियों से एकजुट होकर आगामी आंदोलनों में बढ़चढ़ कर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि 3 जुलाई को नगरपरिषद के कर्मचारी सांय 4 बजे गेट मीटिंग करेंगे। इसके बाद 6, 7 व 8 जुलाई को राज्य व्यापी हड़ताल में भी नगरपरिषद कर्मचारी बढ़चढ़ कर भाग लेंगे। इस अवसर पर नरेश राणा, सत्यवान टांक, मीतू, किरण बाला, सिलोचना, विजय, फायर विभाग से संजय राणा, सुमित कनवाडिय़ा, रूलीराम, विनोद खिचड़ सहित अनेक कर्मचारियों ने भाग लिया।
नप के 144 कर्मचारी हड़ताल पर रहे हैं। इसके चलते शहर में सफाई नहीं हो पाई और न ही डंपिंग प्वाइंट से कचरा उठा है। बुधवार सुबह कर्मचारी काम पर आ जाएंगे।
- मुकेश शर्मा, मुख्य सफाई निरीक्षक