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रंगदारी की धमकी मिलने के बाद व्यापारी को मिली सुरक्षा, सीसीटीवी से खंगाले जा रहे सुराग

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पुलिस की सुरक्षा में व्यापारी । - फोटो : Fatehabad
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भूना अनाजमंडी में पेस्टीसाइड दुकान के मालिक राकेश सिंगला से फिरौती मामले में अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस अभी तक इस मामले में किसी भी मुजरिम को पकडना तो दूर, अभी तक उसका पता तक नहीं लगा सकी है। इसी मामले में मंगलवार को डीएसपी ने मौके का निरीक्षण किया और उन्होंने आसपास के एरिया में लगे हुए कई सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को भी खंगाला। दूसरी ओर व्यापारी राकेश सिंगला को पुलिस प्रोटेक्शन दे दी गई है। पुलिस कई एंगल पर इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
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मंगलवार को घटनास्थल पर पहुंचे डीएसपी अजायब सिंह के साथ सीआईए इंचार्ज जोगिंद्र सिंह, टोहाना एसएचओ विनोद कुमार व भूना एसएचओ देवेंद्र सिंह नैन भी थे। सभी पुलिस अधिकारियों ने व्यापारी के घर के नजदीक आधा दर्जन सीसीटीवी कैमरों की वीडियो रिकॉर्डिंग में संदिग्ध लोगों की तस्वीरों को देखा। पुलिस ने व्यापारी के घर के आसपास के एरिया में मोबाइल फोन नंबर के डंप भी उठाए गए हैं।
पुलिस ने व्यापारियों को दिया हौसला और शहर में बढ़ाई गश्त
डीएसपी अजायब सिंह ने बताया कि आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगानेेे के लिए अतिरिक्त पुलिस सुरक्षा को शहर में बढ़ा दिया गया है। अशोका मार्बल एवं सेनेटरी हाउस व शिव बीज भंडार के मालिकों को पुलिस प्रोटेक्शन दे दी गई है। पीड़ित व्यापारियों का पुलिस ने हौसला बढ़ाते हुए हिदायत दी है कि कोई भी अपराधिक तत्व की किसी भी प्रकार का मोबाइल फोन या अन्य गतिविधियां सामने आए तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
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6 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली
अशोका मार्बल हाउस के मालिक ईश सेठी पर 24 जून को दिनदहाड़े गोली चलाने वाले तीनों बदमाश 6 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। सीआईए पुलिस ने गोलीबारी करने की योजना बनाने वाले दो युवकों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। जिनमें वकील उर्फ गोकल बाल्मीकि भूना व विकास उर्फ जसवंत जांडली कलां दो दिन पहले गांव गोरखपुर भाखड़ा नहर पुल पर एक डकैती की योजना बनाते हुए पकड़े गए थे। पुलिस पूछताछ में वकील उर्फ गोकल ने बताया था कि अशोका मार्बल पर रंगदारी मांगने को लेकर पांच लोगों के बीच कार्य योजना बनी थी। सर्वसमाज कमेटी सदस्यों का कहना है कि अगर वकील का दावा सही है तो पुलिस हमलावरों के नाम एवं पहचान सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही है।
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