फतेहाबाद/रतिया। बिजली निगम के कर्मचारियों की हड़ताल से जिले में बिजली और पेयजल व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। भूना में 40 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है। टोहाना शहर और खंड के कई गांवों में भी बिजली गुल है।
पेयजल संकट के चलते लोगों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। कई जगह ग्रामीणों ने जाम लगाकर रोष जताया। बिजली निगम की हड़ताल के दौरान रतिया में शिक्षा विभाग द्वारा पीजीटी शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई कि वे प्रत्येक 132 केवी व 33 केवी में हर तीन घंटे में बंद व चालू फीडरों की जानकारी दर्ज करेंगे लेकिन शाम को विभाग ने अपने आदेश वापस ले लिए।
भूना में 40 घंटे से बिजली गुल, पानी के लिए भी तरसे लोग
भूना। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में पिछले 40 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है। गली-मोहल्लों व बाजार में अंधेरा छाया हुआ है। बिजली से चलने वाले उपकरणों पर निर्भर दुकानदारों का कामकाज ठप होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पेयजल आपूर्ति बंद होने से लोग परेशान है। बिजली संकट से परेशान शहरवासियों ने वीरवार रात 12 बजे सिरसा-चंडीगढ़ मार्ग पर जाम लगा दिया। इसके बाद शुक्रवार सुबह दोबारा अग्रसेन चौक पर प्रदर्शन कर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग उठाई।
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बैलगाड़ियों और बाइकों पर पानी ढोने को मजबूर लोग
बिजली आपूर्ति ठप होने का सबसे अधिक असर पेयजल व्यवस्था पर पड़ा है। घरों की जरूरत पूरी करने के लिए लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोग बैलगाड़ियों और बाइकों पर पानी ढोकर गुजारा करने को मजबूर हैं। बिजली नहीं होने से घरेलू कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।
टोहाना की गीता कॉलोनी में गहराया पेयजल संकट
टोहाना। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर की गीता कॉलोनी में बिजली की किल्लत के चलते पेयजल संकट गहरा गया है। बिजली न होने से मोटरें नहीं चल रही, जिससे घरों में पीने का पानी तक नहीं पहुंच रहा। वहीं पीने के पानी के लिए टैंकर मंगवाए जा रहे हैं।
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बिजली निगमों के निजीकरण के विरोध में मोर्चा ने सौंपा ज्ञापन
भूना। बिजली कर्मचारी इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा सब यूनिट भूना ने बिजली निगमों के निजीकरण के विरोध में सांसद कुमारी सैलजा के नाम ज्ञापन पूर्व हरियाणा युवा कांग्रेस सचिव अंकित शिल्ला को सौंपा। ज्ञापन में प्रदेश सरकार के निजीकरण संबंधी फैसले का विरोध किया गया।
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गांव नन्हेड़ी में काटी बिजली लाइन, गांव में छाया अंधेरा
कुलां। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के बीच गांव नन्हेड़ी में वीरवार रात 9 बजे शरारती तत्वों ने बिजली लाइन काट दी। गांव नन्हेड़ी के बिजली घर से निकलने वाली मुख्य लाइन, जो सेलर की तरफ नहर के पास से गुजरती है, को अज्ञात लोगों ने काट दिया। लाइन कटने से नन्हेड़ी बिजली घर की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई। ग्रामीण विक्रम सिंह, आशीष कुमार, शमशेर सिंह, राज कुमार ने बताया कि पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई। साथ ही बच्चों की पढ़ाई और घर के जरूरी काम भी प्रभावित हुए।
नगर परिषद में कामकाज रहा ठप
हड़ताल का असर सरकारी विभागों पर भी पड़ने लगा है। नगर परिषद में बिजली न होने के कारण कामकाज ठप रहा। विभिन्न शाखाओं में कर्मचारी खाली बैठे नजर आए। काम करवाने वाले लोगों को बिना काम कराए लौटना पड़ा।
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टोहाना खंड के कई गांवों में बिगड़े हालात
टोहाना। बिजली संकट के चलते टोहाना शहर में करीब 90 से 100 प्रतिशत बिजली आपूर्ति प्रभावित है, जबकि टोहाना खंड के कई गांवों में भी बिजली गुल है। 33 केवी चंडीगढ़ रोड बिजलीघर के फीडरों से आपूर्ति बाधित है। गांव दमकोरा में फाल्ट के कारण बिजली सप्लाई बंद है। कमालवाला, कन्हड़ी, सिम्बलवाला, हिमतपुरा, डांगरा और लोहाखेड़ा में भी बिजली नहीं है। वहीं साधनवास बिजलीघर के चार फीडर 22 अक्तूबर की शाम तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गए, जिससे साधनवास, सिधानी, चांदपुरा और मुंदलिया गांव प्रभावित हैं। जाखल सब स्टेशन के शहरी फीडर भी खराबी के कारण बंद हैं।
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कन्हड़ी में लगाया जाम, टैंकर से गांव में हुई पानी की सप्लाई
समैन। गांव कन्हड़ी में वीरवार सुबह छह बजे से बिजली बंद रहने पर ग्रामीणों ने शाम आठ बजे टोहाना-हिसार मार्ग जाम कर दिया। पुलिस ने करीब डेढ़ घंटे बाद जाम खुलवाया। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली नहीं आने से पशुओं के लिए चारा काटने, पेयजल और आटा पिसवाने में दिक्कत हो रही है। उन्हें रजवाहे से पानी लाना पड़ रहा है। वहीं, गांव समैन में शुक्रवार सुबह दस बजे से बिजली बंद रहने पर ग्रामीण सामुदायिक केंद्र में एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके अलावा भीमेवाला, सनियाना और गाजूवाला में भी दो दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित है। गांव सनियाना में पूर्व सरपंच बिजेंद्र सिंह ने टैंकर से गांव में पानी की सप्लाई करवाई।