फतेहाबाद में राज्यगीत को लेकर आरोप लगाते हुए गांव ढिंगसरा निवासी कृष्ण कुमार।
फतेहाबाद। प्रदेश के राज्यगीत को लेकर लांचिंग से पहले विवाद शुरू हो गया है। गांव ढिंगसरा के कृष्ण कुमार ने आरोप लगाया है कि गीत की लाइनें उनकी हैं। उसने हरियाणवीं भाषा में लिखा था और उसे हिंदी में रूपांतरण किया गया है। 85 फीसदी तक लाइनें उनकी हैं और जबकि श्रेय किसी दूसरे को दे दिया गया है। इस संबंध में उसने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को शिकायत भेजी है। फतेहाबाद के विधायक बलवान सिंह को मामले से अवगत कराया है। विधायक ने आश्वस्त किया है कि इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे।
गांव ढिंगसरा के कृष्ण कुमार ने बताया कि वर्ष 2021 में उन्हें सूचना मिली थी कि राज्यगीत का चयन किया जा रहा है। इस दौरान कोरोना काल में उसने घर पर रहकर गीत तैयार किया और मेल के जरिये कला एवं संस्कृति विभाग को भेजा। वर्ष 2023 में पता चला कि तीन गीतों का चयन किया गया है, जिसमें जय जय हरियाणा भी शामिल है। 26 जनवरी 2024 में दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में थोड़ी सी धुन भी बजी थी। हालांकि इसके कुछ दिन बाद पता चला कि इस गीत की रचना का किसी दूसरे को क्रेडिट दिया गया है। उसने आरटीआई भी लगाई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
मेरा गीत हरियाणवीं भाषा में लिखा गया था और उसे हिंदी में रूपांतरण कर दिया गया। हालांकि जो मुख्य लाइन है वह उनकी है। मांग है कि उसे न्याय मिलना चाहिए। कृष्ण ने कहा कि वे निजी शिक्षक हैं और थियेटर से लगाव है। फतेहाबाद के एमएम कॉलेज में भी वह नौकरी कर चुके हैं।
ये है आरोप
गांव ढिंगसरा निवासी कृष्ण कुमार का आरोप है कि 15 अगस्त 2021 को कला एवं संस्कृति हरियाणा विभाग को मेल के जरिये राज्यगीत की रचना भेजी गई थी। जिसमें मुख्य तौर पर पहली लाइन जय जय जय हरियाणा, जहां हुआ हरि का आना, गीता उपदेश, त्योहार, रागनी समेत 22 लाइनें लिखी गई हैं। इसमें से हरियाणवीं से हिंदी रूपांतरण करके 22 लाइनों में से 21 लाइनों में तब्दील कर दिया गया है। अधिकतर वह लाइनें जो कि मेरे द्वारा पहले से लिखी गई है।