फतेहाबाद। शहर के हिसार-सिरसा रोड पर 15 से ज्यादा निजी और सरकारी बैंक चल रहे हैं, परंतु इनके पास पार्किंग की सुविधा नहीं है। जिस कारण रोजाना जाम की स्थिति हो रही है। हालांकि वर्ष 2015 में प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने इस समस्या से निपटने के लिए बैंक स्कवायर प्रोजेक्ट की घोषणा की थी लेकिन 9 साल बाद भी ये प्रोजेक्ट सिर्फ घोषणा तक ही सिमट कर रह गया।
उक्त प्रोजेक्ट एसडीएम-डीएसपी के पुराने निवास की 15 कनाल 7 मरले जगह पर बनना था। इसका कारण यह है कि बैंक स्क्वायर प्रोजेक्ट को लेकर बैंकों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई और न ही नगर परिषद के नाम जगह ट्रांसफर हो पाई। इसके चलते प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया। सीएम घोषणा में प्रोजेक्ट शामिल होने के चलते बैंकों की दिलचस्पी न होने के कारण नगर परिषद ने भी घोषणा के दो साल बाद नो फिजिबल रिपोर्ट बनाकर भेजी थी।
वर्ष 2019 में इस प्रोजेक्ट को लेकर दोबारा प्रयास किए गए लेकिन यह फिर सिरे नहीं चढ़ पाया। यहां तक नगर परिषद ने मल्टीपर्पज भवन के लिए वर्ष 2022-23 में भी प्रयास किए लेकिन जगह ही ट्रांसफर नहीं हो पाई। नगर परिषद इस जगह के 6 करोड़ रुपये देने को भी तैयार था लेकिन मुख्यालय स्तर पर ट्रांसफर की कार्रवाई नहीं हो पाई। फिलहाल हालात ये है कि इस जगह पर महिला एवं बाल विकास विभाग समेत कई कार्यालय चल रहे हैं।
एक ही छत के नीचे बैंक लाने की थी योजना
शहर में जाम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने ही वर्ष 2015 में सरकार के सामने ये प्रोजेक्ट रखा था। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसको लेकर घोषणा की थी। प्रशासन की योजना थी कि एक ही छत के नीचे सभी बैंक आ जाएंगे और यहां पर पार्किंग की सुविधा भी रहेगी। नगर परिषद को आय भी हो पाएगी।
बैंकों के बाहर जनरेटर और खड़े हो रहे वाहन
हिसार-सिरसा रोड पर शहर के अंदर 15 से 20 बैंक स्थित है। किसी भी बैंक के पास पार्किंग की सुविधा नहीं है। सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक बैंकों के बाहर वाहन खड़े होने से मुख्य रोड पर जाम की स्थिति बनी रहती है। दूसरी वजह ये भी है कि कई बैंकों ने बाहर ही अपने जनरेटर रखे हुए हैं।
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बैंक स्क्वायर या पुराने एसडीएम निवास की जगह पर नगर परिषद की मल्टीपर्पज भवन बनाने को लेकर कई बार प्रस्ताव लिखा जा चुका है। प्रस्ताव में ये भी तय किया गया कि किस मंजिल पर क्या होना चाहिए।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान, नगर परिषद, फतेहाबाद