फतेहाबाद। जिले के भूना शहर में छह दिन बाद भी जलभराव के कारण पीड़ितों की आंखों में बेबसी है। काफी संख्या में पीड़ितों ने अपना घर बार छोड़कर दूसरे स्थानों पर शरण लेने को विवश हो गए। व्यापारियों का कारोबार प्रभावित है तो रोज खाने कमाने वालों के लिए कोई काम नहीं है। इन परिवारों के सामने रोजी रोटी का संकट है। वहीं, छह किश्तियों पर 16 कर्मचारी निरंतर 12 घंटे की ड्यूटी निभाकर बाढ़ पीड़ितों की मदद पहुंचा रहे हैं। दिनभर किश्तियों के चप्पू चलाने के बावजूद इन कर्मचारियों में कोई थकान नजर नहीं आती। कोई बिना खाना खाए तो कोई कर्मी घायल होते हुए भी पीड़ितों की मदद करने में जुटा हुआ है।
भूना में संवाददाता ने शहीद भगत सिंह पार्क से ट्रैक्टर से अपना सफर आरंभ किया। शहीद भगत सिंह चौक से ऊधम सिंह चौक तक प्रशासन ने पानी निकालने के लिए ड्रेन बिछा रखी है। यहां पर पानी काफी कम था। इसके बाद जैसे ही उकलाना रोड की ओर मुड़े तो यहां पर डेढ़ से दो फुट तक पानी दिखाई दिया। इस रोड पर दुकानें जहां चार दिन तक बंद थीं, वह अब धीरे-धीरे खुलने लगी हैं और दुकानदार दुकानों में घुसे पानी से हुए नुकसान का जायजा लेते दिखाई दिए।
इसके बाद संवाददाता अनाजमंडी के गेट के पास पहुंचे, यहां पर हालात काफी खराब थी। यहां से हिसार रोड पर बारिश के कारण बाढ़ के हालात बने हुए हैं। मॉडल टाउन सहित कई कॉलोनियां में चार से पांच फुट पानी से घिरी हुई हैं। यहां पर ट्रैक्टर से उतरने के बाद पता चला कि इस मोड़ पर दो से ढाई फुट तक पानी ठहरा हुआ है।
यहां पर प्रशासन द्वारा लगाई गई एक किश्ती आई। किश्ती में कानूनगो एवं इंस्ट्रक्टर बीर सिंह, कैनाल गार्ड कुलदीप खेड़ी व संजीव वर्मा मिले। हम किश्ती पर सवार हुए तो आगे का नजारा काफी भयावह था। इस रास्ते पर आने वाले सभी बेसमेंट पानी से भरे दिखाई दिए। दुकानें बंद थी और पानी अंदर घुस चुका था। कानूनगो बीर सिंह ने बताया कि प्रशासन की ओर से यहां पर छह किश्तियां लगाई हुई हैं, जिससे वह लोगों के पास पानी, खाना व अन्य सामान पहुंचा रहे हैं। साथ ही लोगों को बैठाकर शहर की ओर लेकर आ रहे हैं तथा उनको घर भी छोड़ रहे हैं। बीमार लोगों को अस्पताल तक भी पहुंचाया जा रहा है। संवाद
चोट लगने के बाद भी ड्यूटी पर तैनात कैैनाल गार्ड
इस किश्ती पर तैनात कैनाल गार्ड संदीप खेड़ी को तीन दिन पहले एक मकान में सामान पहुंचाने के समय पैर पर चोट लग गई थी। इसके बावजूद भी कैनाल गार्ड अपनी ड्यूटी पर तैनात है। उसने बताया कि जब वह मॉडल टाउन स्थित एक घर में सामान पहुंचाने गया तो उसका पैर एक गड्ढे में चला गया और उसके पैर पर चोट आई।
तीन महिलाओं को डिलीवरी के लिए पहुंचाया अस्पताल
इस किश्ती पर सवार कर्मचारियों ने मॉडल टाउन, डाकखाना वाली गली व चंदन नगर से तीन महिलाओं को किश्ती पर ही दो दिन पहले अस्पताल में डिलीवरी के लिए भिजवाया। यहां पर जलभराव पांच फुट तक था और महिलाओं को ले जाना आसान नहीं था। ऐसे में इनको किश्ती पर ही अस्पताल भिजवाया गया। साथ ही भयंकर जलभराव से घिरे सरकारी कार्यालयों के दस्तावेज भी वह सुरक्षित निकालकर ला रहे हैं। उन्होंने बताया कि पशु अस्पताल में पांच फुट तक पानी भरा हुआ है, जिसके चलते वहां से हम जरूरी कागजात निकालकर लाए हैं।
खाने पीने व मदद के लिए प्रतिदिन आ रही 100 से अधिक कॉल
किश्ती पर सवार कानूनगो बीर सिंह व कैैनाल गार्ड कुलदीप ने बताया कि वह सुबह आठ बजे यहां पर किश्तियां लेकर आ जाते हैं और रात को अंधेरा होने के बाद ही जाते हैं। इस दौरान उनके पास मदद के लिए प्रतिदिन लगभग 100 कॉल आती हैं। उन्होंने बताया कि अधिकतर कॉल पीने के पानी, खाने व घरों के सामान को निकालने के लिए आती हैं। उन्होंने बताया कि छह किश्ती पर 16 कर्मचारी तैनात हैं और सभी लोगों की मदद में जुटे हुए हैं।
भूना में किश्ती में बिठाकर लोगों को ले जाते कर्मचारी।- फोटो : Fatehabad