सं गांव घोटडू में तीन दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में धान की बोरियों से भरे ट्रक को पकड़ने के मामले में सोमवार को हुई पंचायत में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। किसान संघर्ष समिति ने धान लेकर आए व्यक्ति पर एक रुपये का सामाजिक दंड भी लगाया, जबकि बाइक के नुकसान के रूप में उससे 60 हजार रुपये भी लिए।
हालांकि, कुछ लोगों ने उपरोक्त जुर्माना राशि को लेकर आपत्ति भी उठाई। उन्होंने कहा कि मोटरसाइकिल में मात्र पांच हजार रुपये से अधिक का नुकसान नहीं है। मगर किसान संघर्ष समिति के प्रमुख लोगों ने धान का ट्रक पकड़ने वाले दिगोह निवासी दर्शन सिंह को 60 हजार रुपये मोटरसाइकिल के नुकसान के रूप में दिलवाए। समिति के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश मंडा ने कहा कि धान के मालिक पर एक रुपये का सामाजिक दंड भी लगाया गया। क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल धान के मालिक को दे दी गई है। किसान नेता ने कहा कि दिगोह के दर्शन सिंह की मोटरसाइकिल को नुकसान पहुंचा दिया गया था। धान के मालिक से 60 हजार रुपये लेकर उसे पुरानी मोटरसाइकिल दे दी है।
यूपी व बिहार से धान लाने का सिलसिला जारी : समिति के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश मंडा ने कहा कि जो काम सरकार व प्रशासन को करना चाहिए था, उसे किसानों ने संगठित होकर किया है। किसान संघर्ष समिति के नेताओं ने आरोप लगाया कि यूपी-बिहार से सस्ते दामों पर हरियाणा में धान लाने का सिलसिला जारी है। लंबे समय से आढ़ती व सैलर मालिक इस खेल से दोगुना कमाई कर रहे हैं। समिति का आरोप है कि आढ़ती और सैलर मालिक यूपी और बिहार से 900 से 1000 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदकर फतेहाबाद लाते हैं। प्रति क्विंटल धान लाने में मात्र 150 से 200 रुपये खर्च आता है। इस धान को आढ़ती व सैलर अपने पास स्टोर कर लेते हैं। हजारों क्विंटल धान के फर्जी बिल तैयार कर इसे फतेहाबाद में खरीदा धान बताया जाएगा और सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य वसूला जाएगा। इस मौके पर समिति संयोजक मनदीप नथवान, रामकिशन भगासरा, कृष्ण लांबा, सत्यवान मुंड, मांगेराम, करनैल सिह, जगदीश चंद्र, बलवान सिंह और सुखदेव सिंह आदि मौजूद रहे।