फतेहाबाद। शहर की सीमा में शामिल हुई नई कॉलोनियों में प्रॉपर्टी आईडी को लेकर सर्वे शुरू हो गया है। शहर की सात नई कॉलोनियों में सर्वे शुरू किया गया है। नगर परिषद ने सर्वे का काम उसी कंपनी को दिया है, जिसको लेकर पहले विवाद चल रहा है। 25 वार्डों में किए गए सर्वे में गलतियों को लेकर विवाद चल रहा है और अब तक 1650 आपत्तियां भी सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद नगर परिषद प्रशासन ने नई कॉलोनियों के सर्वे का काम भी याशी कंपनी को दे दिया है।
इन कॉलोनियों में करीब तीन हजार घर है। कंपनी के कर्मचारी डोर टू डोर सर्वे कर रहे हैं और रिकॉर्ड ले रहे हैं। इन कॉलोनियों का प्रॉपर्टी आईडी को लेकर पहले कोई रिकॉर्ड नहीं है। पहले ये कॉलोनियां पंचायत के अधीन थी। अगर कंपनी के कर्मचारी फिर 25 वार्डों की तरह गलतियां दोहराते हैं तो इन नई कॉलोनी के तीन हजार घरों के मालिकों के सामने मुसीबत हो सकती है। हालांकि, याशी कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि प्री असेसमेंट नोटिस में ज्यादा गलतियां नहीं है। जो गलतियां सामने आ रही है उन्हें ठीक किया जा रहा है।
नप सीमा में शामिल हुई कॉलोनियां
हंस कॉलोनी
स्वामी नगर
आजाद नगर
आदर्श कॉलोनी
हरनाम सिंह कॉलोनी
कालीदास कॉलोनी
एकता कॉलोनी
नई कॉलोनियों के मकान मालिकों को देना होगा प्रॉपर्टी टैक्स
नगर परिषद सीमा में शामिल हुई कॉलोनियों के मकान मालिकों को जेब हल्की करनी पड़ेगी। पहले ये कॉलोनियां पंचायत के अधीन थी, ऐसे में इन्हें कोई टैक्स नहीं देना पड़ रहा था। मगर अब नगर परिषद में शामिल होने के बाद प्रॉपर्टी टैक्स देना होगा। हालांकि, इन कॉलोनी के लोगों को शहर की तर्ज पर सुविधा भी मिलेगी, जिसमें सफाई व्यवस्था, सीवर, स्ट्रीट लाइट, पक्की सड़कें, पार्क आदि शामिल हैं।
शहर के 25 वार्डों में प्री असेसमेंट नोटिस की स्थिति
कुल यूनिट : 27 हजार
खाली प्लॉट : 7 हजार
नोटिस जारी : 20 हजार
आपत्तियां दर्ज हुई : 1650
बकाया प्रॉपर्टी टैक्स : 32 करोड़ रुपये
कंपनी ने नप से लिया पुराना रिकॉर्ड होगा मिलान
प्री असेसमेंट नोटिस में गलतियों को लेकर विवाद चल रहा है। इसको लेकर नागरिक अधिकार मंच अधिकारियों से भी मिल चुका है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की थी कि सर्वे को लेकर जांच करवाई जाए। कंपनी ने अब नप से पुराना रिकॉर्ड लिया है उसके साथ मिलान सोमवार से शुरू होगा। अधिकारियों की मानें तो कंपनी कॉलोनियों के नाम को लेकर जो गलती है उसे ठीक करेगी। इसके अलावा क्षेत्र को लेकर जो गलतियां है उन्हें मौके पर जाकर ठीक किया जाएगा। 31 मार्च तक प्री असेसमेंट नोटिस की गलतियों को ठीक करवाना होगा। अगर ठीक नहीं करवाते हैं तो उसी आधार पर प्रॉपर्टी टैक्स के बिल जारी होंगे।
कोट
नगर परिषद से हमें अभी डाटा मिला है, उसका मिलान करवाया जा रहा है। जल्द ही वार्ड स्तर पर कैंप लगाकर समाधान किया जाएगा। फिलहाल नप में कैंप लगा हुआ है। प्री असेसमेंट सर्वे नोटिस में ज्यादा गलतियां नहीं है। नई कॉलोनियों का सर्वे शुरू हो चुका है, उसमें एक से दो माह का समय लगेगा।
-जसवंत, सुपरवाइजर, याशी कंपनी
कोट
निदेशालय से ही कंपनी को ठेका दिया गया है, कंपनी के कर्मचारी डोर टू डोर जा रहे हैं और सर्वे कर रहे हैं। अगर फिर कोई गलती सामने आती है तो उसे ठीक करवाया जा सकता है।
-सुमित चोपड़ा, एमई, नगर परिषद