फतेहाबाद। जिले की बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में निगम ने 6 नए उपकेंद्र बनाने के टेंडर जारी कर कर दिए हैं। जल्द ही संबंधित फर्मों को वर्क ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज तथा अघोषित कटों से निजात राहत मिलने की उम्मीद है। इस पर करीब 10.80 करोड़ रुपये की लागत खर्च की जाएगी। इनके शुरू होने के बाद 40 हजार उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर राहत मिलेगी।
निगम के अनुसार ये नए उपकेंद्र जिले के उन क्षेत्रों में स्थापित किए जा रहे हैं जहां वर्तमान में बिजली का लोड अधिक है और तकनीकी खामियों के कारण आपूर्ति बाधित होती है। योजना के तहत गांव नूरकी, अलीकां, करनौली, जांडली खुर्द, ढाबी कलां और महमदकी में ये केंद्र बनाए जाएंगे। प्रत्येक उपकेंद्र के निर्माण पर लगभग 1 करोड़ 80 लाख रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है।
40 हजार उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
इन नए उपकेंद्रों के चालू होने से जिले के लगभग 40 हजार उपभोक्ताओं को सीधा लाभ पहुंचेगा। वर्तमान में इन गांवों और इनके आसपास के क्षेत्रों में लंबी बिजली लाइनों के कारण वोल्टेज ड्रॉप की समस्या बनी रहती है। नया बुनियादी ढांचा तैयार होने से बिजली की बर्बादी कम होगी और तकनीकी त्रुटियों में कमी आएगी। इससे कृषि क्षेत्र और घरेलू उपभोक्ताओं को अब ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या से निजात मिलेगी।
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2027 तक लक्ष्य पूरा करने की तैयारी
बिजली निगम ने इस परियोजना के लिए एक साल का समय निर्धारित किया है। टेंडर प्रक्रिया के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इस पूरी परियोजना को वित्त वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्क ऑर्डर जारी होते ही काम शुरू हो जाएगा। वहीं तीन उपकेंद्रों के निर्माण कार्य जारी है। गांव नांगल के उपकेंद्र का काम इस वर्ष सितंबर माह पूरा करने का लक्ष्य रखा है। गांव इंदाछोई और ठरवा का काम 20 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
:: इन नए उपकेंद्रों बनने से बिजली की गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति सुनिश्चित होगी। उपकेंद्रों के बीच की दूरी कम होने से फाल्ट ढूंढने और उसे ठीक करने में कम समय लगेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्र के उद्योगों और किसानों को भी राहत मिलेगी, जिससे जिले के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
- ब्रह्मदत्त जेई, बिजली निगम, फतेहाबाद।