फतेहाबाद। इन दिनों धान की कटाई का काम जोरों पर चलने के साथ ही फसल अवशेष जलाने के मामले भी बढ़ने लगे हैं। इस बार अब तक जिले में कुल 6 मामले सामने आए हैं। जिन पर कृषि विभाग के कर्मचारियों ने समय पर पहुंचकर 7500 रुपये का जुर्माना लगाया है।
फसल अवशेष जलने के साथ ही वायु गुणवत्ता भी धीरे-धीरे खराब होने लगी है। साेमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 105 दर्ज किया गया है। हालांकि, पिछले साल की तुलना में इस बार फसल अवशेष जलाने के कम मामले सामने आए हैं। गौरतलब है कि पिछले साल जिले में फसल अवशेष जलाने के छह अक्तूबर तक कुल 15 मामले सामने आए थे। अक्सर अक्तूबर और नवंबर माह के मध्य में धान की फसल की कटाई का काम जोराें पर होता है। इस दौरान ही फसल अवशेष जलाने के मामले भी सामने आते हैं। इस बार कृषि विभाग के द्वारा पराली प्रबंधन को लेकर चलाया गया जागरूकता अभियान और पराली प्रबंधन को लेकर उपलब्ध करवाएं कृषि यंत्रों के कारण फसल अवशेष जलने में कमी दर्ज की जा रही है।