फतेहाबाद में भाजपा विधायक दुड़ाराम के पीए राजबीर और पूर्व ड्राइवर सुभाष के खिलाफ धोखाधड़ी मामले की सोमवार से एसआईटी जांच शुरू होगी। जांच में उन लोगों को भी शामिल किया जा सकता है, जिन्होंने नौकरी लगवाने के नाम पर विधायक के पूर्व ड्राइवर को रुपये दिए थे। वहीं, विधायक आवास पर धरना देने के मामले में पुलिस ने 20 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की छानबीन प्रारंभ कर दी है।
शनिवार को पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में गांव दैयड़ निवासी मोहनलाल की शिकायत पर राजबीर और पूर्व ड्राइवर सुभाष के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लोगों से रुपये लेने का आरोप है।
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शहर पुलिस ने नायब तहसीलदार ड्यूटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार की शिकायत पर आरोपी गांव कुम्हारिया निवासी सुभाष, साहिल कुमार, जोगिंद्र सिंह, सतबीर, हरफूल, बलबीर, लीलूराम, सतपाल, संजय, इंद्र सिंह, सहदेव, कृष्ण, धर्मपाल उर्फ हरदयाल, सुनीता, मैना, बिमला, रोशनी, सुमित्रा, गांव ठुइयां निवासी रुक्मिणी, फतेहाबाद निवासी सावित्री के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
शिकायत के मुताबिक आरोप है कि उक्त आरोपियों ने विधायक दुड़ाराम के निजी सचिव राजबीर पर रुपयों के लेनदेन को लेकर विधायक की कोठी के आगे सड़क पर धरना दे रहे थे। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के धरने से आवागमन के दौरान लोगों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा था।
मैं अभी बाहर हूं। आने के बाद मामले की जांच शुरू की जाएगी। मामले की निष्पक्ष जांच एसआईटी की तरफ से की जाएगी। - शुक्रपाल, डीएसपी