प्रवीन काशी का ट्रीटमेंट करते डॉक्टर।
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शुगर न्यूनतम स्तर 20 होने के बाद भी काशी का मनोबल कम नहीं हो रहा है वह अनशन को आखिरी सांस तक जारी करने की जिद्द कर रहे हैं। सिरसा संसदीय क्षेत्र को चिट्टे और केमिकल वाले नशे से मुक्त करवाने के लिए विशेष जोन बनाने की मांग को लेकर 27 दिनों से अनशनरत प्रवीन काशी की हालत सोमवार को बहुत नाजुक हो गई थी, जब शुगर लेवल 20 पर पहुंच गया। मौके पर जांच के लिए सिविल अस्पताल से आये डिप्टी सीएमओ हनुमान और डॉक्टर अजय चुघ ने कोमा, पैरलसिस और लकवा की संभावना के मद्देनजर काशी को तुरंत एंबुलेंस से सिविल अस्पताल के इमरजेंसी में दाखिल कराया। साझा प्रयास समिति ने तुरंत अनीता क्रांति के नेतृत्व मे आपातकालीन बैठक की। जिसमें सभी सदस्यों ने काशी से अनशन स्थगित करने का आग्रह किया। वरिष्ठ सदस्य और सर्व हरियाणा कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष पूनम रती ने कहा कि स्वस्थ होकर पुन: संघर्ष करें। सह संयोजक इंद्रा ढिंगसरा और सरोज सुथार ने भी अनशन की जिद छोड़ने की अपील की। आनंद वीर और कृष्णा पूनिया भी अस्पताल में काशी का कुशलक्षेम लेने सिविल अस्पताल के इमरजेंसी में पहुंच कर काशी से अनशन की जिद छोड़ने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि आचार संहिता खत्म होने पर दोबारा संघर्ष शुरू करें। काशी ने अनशन स्थगित करने के साझा प्रयास समिति के अनुरोध को अस्वीकार किया।
इस तरह लगातार बिगड़ रहा काशी का स्वास्थ्य
उन्होंने कहा कि मेरी जिद हजारों युवाओं की जान बचाने के लिए है। सरकार अगर हमें नहीं सुन रही तो उनकी जिद बुरी है। सारी बातें अच्छे और बुरे जिद के ईर्दगिर्द हैं। उन्होंने कहा कि मेरा संघर्ष आखिरी सांस तक जारी रहेगा। सिविल अस्पताल में काशी को डाक्टरों की देखरेख में रखा गया है लेकिन अभी स्थिति में सुधार नहीं। आई वी ड्रिप के माध्यम से शुगर स्थिर रखी जा रही लेकिन ड्रिप हटाते ही शुगर नीचे चली जाती है। वजन ब्लड, प्रेशर घट रहा है और किटोन अभी खतरनाक पर है।