फतेहाबाद। सिरसा और फतेहाबाद जिलों के कई पेस्टीसाइड दुकानदारों ने एक पेस्टीसाइड कंपनी के कर्मचारियों पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप लगाया है।
दुकानदारों का दावा है कि कंपनी के कर्मचारियों ने उनके खातों में 15 करोड़ रुपये का सामान दिखाया है, जबकि उन्हें वास्तव में एक रुपये का भी सामान प्राप्त नहीं हुआ। इस धोखाधड़ी के बाद अब कंपनी इन दुकानदारों से बकाया वसूलने के लिए उन्हें लगातार परेशान कर रही है।
शनिवार को जाट धर्मशाला में पहुंचे लोगों ने बताया कि कंपनी की ओर से फतेहाबाद जिले के 5, सिरसा के 6, जींद के एक, नारनौंद के एक दुकानदार के साथ करोड़ाें रुपये की ठगी की है। दुकानदारों के साथ हुई धोखाधड़ी को लेकर किसान संगठन पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति और दुकानदारों की एक बैठक जाट धर्मशाला में हुई। बैठक के दौरान फैसला लिया गया कि 29 जुलाई को हिसार में स्थित कंपनी के कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इधर, आरोप पर कंपनी का पक्ष लेने के लिए एमडी सहित उच्च अधिकारियों के मोबाइल पर संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
नहीं पहुंचे सामान के भी मांगे जा रहे पैसे : रतिया निवासी दुकानदार जसबीर सिंह ने बताया कि वह कंपनी से साल 2008 से पेस्टीसाइड खरीदता आ रहा है। हर साल कंपनी से 50 से 60 लाख रुपये का सामान खरीद रहे थे।
जब कंपनी से डीलिंग शुरू की थी तो यह तय हुआ था कि जो माल प्रार्थी की फर्म में बेचना रह जाता है और एक्सपायरी हो जाता है वह कंपनी के द्वारा वापिस ले लिया जाएगा और उसकी राशि भी उसके खाते में लौटा दी जाएगी। उनकी दुकान पर पहले कंपनी का कर्मचारी गजेंद्र सिंह आता था, बाद में उसकी प्रमोशन होने के बाद उसे पूरे हरियाणा का इंचार्ज बना दिया गया।
साल 2019 में कंपनी के कर्मचारियों ने कहा कि हर कर्मचारी को टारगेट दिया हुआ है और अब हम आपको कंपनी से माल दिलवा देते है और जो भी माल आएगा, उसको हम आगे बिकवाकर आपको बता देंगे कि बिल किस नाम से काटना है। कंपनी से जो बिल आपकी फर्म के नाम आएगा, उसमें से आगे किस के नाम और किस रेट पर बनाकर आपने भेजना है, हम आपको मैसेज कर देंगे।
कंपनी से जो बिल आएगा और आप जो बिल बनाकर भेजेंगे, उसका जो भी अंतर होगा, उसका क्रेडिट नोट / इंसेंटिव आपकी फर्म के खाता में जमा हो जाएगा। ऐसा नहीं करेंगे तो आपको कंपनी की पेस्टीसाइड नहीं बेचेंगे। इसके बाद कंपनी के कर्मचारी अपने टारगेट के अनुसार उससे बिना कोई बिल आर्डर लिए उसकी फर्म के नाम बिल कटवा देते।
उसका माल भी उसके पास नहीं आता था और बिल भी मैसेज पर भेजकर उसे बता देते थे कि आगे बिल किसके नाम से और किस रेट पर काटना है और उसके बाद उन फर्म से जो भी पेमेंट आती थी वह कंपनी के कहने के अनुसार उनके खाता में डाल दी जाती थी।
कहा जाता था कि सब नोट करते है और आपका जो भी अंतर होगा, उसका क्रेडिट नोट आपकी फर्म के खाता में आ जाएगा। पूछने पर कहते थे कि आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है, यह सब हमारी जिम्मेवारी है।
सिरसा व फतेहाबाद के दुकानदारों के साथ हुई ठगी
रतिया निवासी जसबीर ने बताया कि कंपनी के कर्मचारियों ने सभी दुकानदारों के साथ ऐसे ही ठगी की है। अकेले उन्हें 47 लाख रुपये से अधिक के झूठे बिल भेजकर उनसे पैसे मांगे जा रहे हैं। वहीं क्रेडिट नोट के नाम पर भी उन्होंने कंपनी से करीब एक करोड़ 63 लाख रुपये लेने हैं। बैठक में पहुंचे सभी दुकानदारों के साथ करीब 20 करोड़ से अधिक की ठगी कंपनी कर चुकी है। दुकानदारों कहना है कि अगर वह कंपनी को पैसे नहीं देते हैं तो वह उन पर रिकवरी का मुकदमा दर्ज करवाएगी, ऐसी धमकी कंपनी की ओर से दी जा रही है क्योंकि प्रत्येक दुकानदार के कंपनी के पास हस्ताक्षर किए हुए पांच खाली चेक पड़े हुए हैं।
अधिकारियों के आदेश पर करते थे काम
जब इस मामले को लेकर कंपनी के पूर्व कर्मचारी व आरोपी गजेंद्र सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि किस दुकानदार को किस रेट पर सामान देना है ये अधिकारी उन्हें बताते थे। उस समय उनका अधिकारी राघवेंद्र सिंह उर्फ रघु उर्फ आरएस रघुवंशी था। हम दुकानदार को जाकर सभी कंपनी के प्रोडक्ट दिखाते थे, दुकानदार को सामान क्या रेट मिलेगा ये रघु ही बताता था। बाद में कंपनी दुकानदार को भेजे गए सामान का अधिक बिल भेजती थी तो कंपनी के अधिकारी कहते थे कि ये बिल का फर्क सही कर देंगे।
यह सिर्फ कुछ दुकानदारों का मामला नहीं है, बल्कि यह कृषि क्षेत्र में हो रही धोखाधड़ी का एक बड़ा उदाहरण है। हम इन दुकानदारों के साथ खड़े हैं और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। जब तक दुकानदारों को उनका हक नहीं मिल जाता, तब तक वे संघर्ष जारी रखेंगे। 29 जुलाई को हिसार में स्थित कंपनी के कार्यालय पर धरना दिया जाएगा।
- मनदीप नथवान, प्रदेश अध्यक्ष किसान संगठन हरियाणा।