कार्यकर्ताओं को संबोधित करतीं सांसद कुमारी सैलजा
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टोहाना। कांग्रेस विधायक परमवीर सिंह ने टोहाना को जिला बनाने का मुद्दा विधानसभा में उठाया है, जनहित की मांगों का वे समर्थन करती हैं। यह बात पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने टोहाना में कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कही। सैलजा ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा घोषणा करने के बाद भी टोहाना में मेडिकल कॉलेज का निर्माण न करवाना साबित करता है कि यह घोषणाओं की सरकार है और कही जगह तो भूमि पूजन के बाद भी कार्य शुरू नहीं किया गया।
इससे पहले सैलजा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को कमजोर करना गरीबों, मजदूरों और ग्रामीण भारत के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ के दावों के बीच जमीनी सच्चाई यह है कि लोगों के हाथों से काम छीना जा रहा है और रोजगार की गारंटी को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है। इस दौरान कांग्रेस विधायक परमवीर सिंह, जिलाध्यक्ष अरविंद शर्मा, यूथ जिलाध्यक्ष संजय ठरवा सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहें।
मनरेगा को लेकर सरकार पर बरसी
कुमारी सैलजा ने कहा कि यूपीए सरकार के समय, जब देश के प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह थे, तब मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना लागू की गई थी। इस योजना ने ग्रामीण गरीबों को 100 दिन के सुनिश्चित रोजगार की गारंटी दी और करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा केंद्र सरकार ने मनरेगा को व्यवस्थित तरीके से कमजोर किया है। पहले जहां गांवों में काम मांगने पर रोजगार मिलता था, अब स्थिति यह है कि राज्य सरकारों को केंद्र के पास प्रस्ताव भेजने पड़ते हैं और उसके बाद भी काम मिलेगा या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं रहती। भुगतान में देरी और बजट में कटौती से मजदूरों का भरोसा तोड़ा जा रहा है। कुमारी सैलजा ने कहा कि महात्मा गांधी के नाम को हटाने की सोच भी उसी मानसिकता को दर्शाती है। महात्मा गांधी का सपना गांवों को आत्मनिर्भर बनाने का था और मनरेगा उसी सोच का सशक्त माध्यम था। उन्होंने बताया कि मनरेगा को बचाने और केंद्र सरकार की नीतियों की सच्चाई जनता के सामने लाने के लिए कांग्रेस ने सभी प्रदेशों में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। कुमारी सैलजा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस गरीबों, मजदूरों और ग्रामीणों के अधिकारों की इस लड़ाई को पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी और मनरेगा को खत्म करने या कमजोर करने की किसी भी कोशिश को लोकतांत्रिक तरीके से रोका जाएगा।