फतेहाबाद में बंद की गईं दुकानें।
जाखल/फतेहाबाद। खाद, बीज और कीटनाशक दवाओं के डीलरों ने सोमवार को सांकेतिक हड़ताल करते हुए सुबह से दोपहर 2 बजे तक दुकानें बंद रखीं। फतेहाबाद और जाखल में विक्रेताओं ने लंबित मांगों के विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से जल्द समाधान की मांग उठाई।
विक्रेताओं ने यूरिया, डीएपी, एमओपी और एनपीके उर्वरकों पर मिलने वाले कमीशन में बढ़ोतरी की मांग की। साथ ही सभी उर्वरकों की दुकानों तक एफओआर (फ्री ऑन रेल/रोड) आधार पर डिलीवरी सुनिश्चित करने की मांग उठाई ताकि परिवहन का अतिरिक्त बोझ व्यापारियों पर न पड़े।
उन्होंने कहा कि यूरिया और डीएपी जैसे अनुदानित उर्वरकों के साथ गैर-जरूरी उत्पाद जबरन जोड़कर दिए जा रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों से यह समस्या लगातार बढ़ रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने इस व्यवस्था को तुरंत समाप्त करने की मांग की।
जाखल प्रधान ओमप्रकाश सिंगला ने कहा कि जबरन टैगिंग, कम मुनाफा और सैंपलिंग के नाम पर उत्पीड़न से व्यापारी परेशान हैं। उन्होंने बताया कि कंपनियों से उत्पाद सील पैक अवस्था में आता है और उसी स्थिति में ग्राहकों को बेचा जाता है। यदि जांच के दौरान उत्पाद गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता, तो उसकी जिम्मेदारी दुकानदार पर डाल दी जाती है जो अनुचित है। इस अवसर पर सुनील कुमार, तरसेम, विकास कंसल, गोरा, निर्मल संधू मौजूद रहे।
फतेहाबाद में व्यापारी शिवालय मार्केट में सांकेतिक हड़ताल पर बैठे रहे। इस दौरान खाद, बीज और कीटनाशक दवाओं की बिक्री पूरी तरह बंद रही। व्यापारियों ने कहा कि वे लंबे समय से आर्थिक और प्रशासनिक दबाव झेल रहे हैं लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा।