फतेहाबाद। राजकीय प्राथमिक पाठशाला ठाकर बस्ती में मेरी साइकिल मेरी पसंद योजना के तहत कक्षा छठी में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए मेला लगाया गया। जिसमें साइकिल विक्रेताओं ने बजट से ज्यादा की प्रदर्शनी लगाई। इसका भार अभिभावकों की जेब पर पड़ा।
शिक्षा विभाग साइकिल के लिए विद्यार्थी को 20 इंची के 2800 रुपये और 22 इंची के तीन हजार रुपये देगा लेकिन यहां पर साढ़े तीन हजार से 6 हजार रुपये कीमत की साइकिलों की प्रदर्शनी लगाई गई। इसके चलते बकाया राशि अभिभावकों को देनी होगी। मेले में 347 विद्यार्थियों में से 206 ने साइकिल पसंद की।
वहीं रतिया में 30 में से 22 विद्यार्थियों को योजना से बाहर कर दिया गया। वजह ये है कि यहां पर ट्रांसपोर्ट सुविधा दी जा रही है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने निदेशालय से 9 लाख 99 हजार 800 रुपये के बजट की डिमांड भेजी थी, जो कि मिल चुका है।
- इन विद्यार्थियों ने पसंद की साइकिल
खंड पात्र विद्यार्थी मेले में करवाया पंजीकरण
भट्टूकला 5 5
भूना 41 41
फतेहाबाद 126 122
टोहाना 112 16
जाखल 33 15
रतिया 30 07
कुल 347 206
- अभिभावकों से ली गई एडवांस ली गई टैक्स राशि
मेले में पंजीकरण के साथ ही विद्यार्थियों को साइकिल का बिल काटकर विक्रेताओं द्वारा दे दिया गया। बिल की एवज में 400-400 रुपये की राशि ली गई। विक्रेताओं ने कहा कि बिल डीईईओ कार्यालय को भेजा जाएगा। यहां से राशि जो विभाग ने देनी है वह विद्यार्थी के बैंक खाते में जाएगी। जो बिल दिया जा रहा है उस पर लगने वाले टैक्स की राशि ली जा रही है। जब दुकान से खरीद करने के लिए विद्यार्थी आएंगे तो वापस दे दी जाएगी।
- शिक्षा विभाग जब साइकिल दे रहा है तो अच्छी क्वालिटी के हिसाब से राशि देनी चाहिए। अगर मां-बाप की आर्थिक स्थिति अच्छी होगी तो वह खुद ही खरीद कर दे सकता।
- जसविंद्र, खाराखेड़ी
- मेले में चार हजार रुपये की कीमत की साइकिल पसंद आई है। इससे कम राशि की साइकिल यहां नहीं है। साइकिल खरीद की बाकी राशि उन्हें खुद देनी होगी।
-सनम, छात्रा, अयाल्की
- मेले में तीन हजार कीमत की साइकिल मिली ही नहीं। विक्रेता कह रहे हैं कि अच्छी क्वालिटी की साइकिल चार से पांच हजार रुपये की आएगी। ऊपर के रुपये उन्हें दी देने होंगे।
- अममोल, छात्र, दमकौरा
-सरकार की योजना के तहत साइकिल मेला लगाया गया है। मेले में विद्यार्थियों ने अपनी पसंद की साइकिल को लेकर पंजीकरण करवाया है। विभाग की तरफ से तय राशि दे दी जाएगी और बाकी लाभार्थी खुद वहन करेंगे।
- वेद सिंह दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद।