टोहाना। पीएमश्री राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल में वीरवार को प्रार्थना सभा के दौरान दो शिक्षकों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद मारपीट तक पहुंच गया। रसायन प्रवक्ता अनूप कुमार और इतिहास प्रवक्ता विक्रम के बीच बच्चों के सामने ही हाथापाई हुई जिससे सहमीं पांच छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई।
पैनिक अटैक आने के बाद छात्राओं को तुरंत नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन भी हरकत में आ गया है और एडीसी अनुराग ढालिया, एसडीएम ने अस्पताल पहुंचकर छात्राओं का हाल जाना तथा कथित आरोपी शिक्षक अनूप के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इस मामले में अस्पताल में दाखिल छात्राएं एडीसी अनुराग ढालिया को बोली कि जब कोई मर जाएगा तब प्रशासन कार्रवाई करेगा। अगर आपकी बेटी होती तो भी क्या आप कार्रवाई न करते। मामले में दोनों शिक्षक और एक शिक्षिका भी अस्पताल में दाखिल हुई हैं।
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धर्म-जाति की टिप्पणी से बढ़ा विवाद
विद्यालय में लंबे समय से चल रहा अंदरूनी कलह वीरवार को उस वक्त खुलकर सामने आ गया जब प्रार्थना सभा के दौरान शिक्षक अनूप कुमार और इतिहास प्रवक्ता विक्रम सिंह के बीच टिप्पणी को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। विक्रम सिंह का आरोप है कि अनूप कुमार बच्चों के बीच धर्म और जाति के बारे में भड़काऊ बातें कर रहे थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो अनूप ने अपने साथी के साथ मिलकर झगड़ा कर दिया।
शिक्षिका ने भी लगाए आरोप
वहीं, बीच-बचाव करने पहुंची शिक्षिका मानता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अनूप कुमार ने उनके चरित्र और बच्चियों के बारे में बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। दूसरी ओर, आरोपी शिक्षक अनूप कुमार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक साजिश करार दिया। उनका कहना है कि उन्होंने स्कूल लेट आने वाले शिक्षकों के खिलाफ बच्चों की आवाज उठाई थी इसी रंजिश के चलते उन पर हमला किया गया है।
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घबराकर बेहोश हुईं छात्राएं, अस्पताल पहुंचीं प्रशासनिक टीमें
शिक्षकों के बीच हुई इस हाथापाई और अभद्र भाषा का छात्राओं पर गहरा असर पड़ा। कई छात्राएं डर के मारे कांपने लगीं और उन्हें घबराहट (पैनिक अटैक) के बाद अस्पताल ले जाना पड़ा। अस्पताल पहुंची छात्राओं ने एडीसी को बताया कि शिक्षक अनूप अक्सर कक्षा में जातिगत टिप्पणियां करते हैं और उन्हें प्रताड़ित करते हैं। पिछली बार आप जांच करने के आए थे आपने कुछ नहीं किया। जिसके बाद एडीसी ने कहा कि उन्होंने ऊपर लिख दिया है। इसके अलावा वे कुछ नही कर सकते। यह सुनकर छात्राएं रोने लगी। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी संगीता बिश्नोई ने छात्राओं को चुप कराया। छात्राओं ने रोते हुए अधिकारियों से कहा, साहब, जब कोई बच्चा मर जाएगा, तब सरकार और प्रशासन कार्रवाई करेगा क्या।
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एडीसी ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) फतेहाबाद अनुराग ढालिया, सीटीएम सुरेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी संगीता बिश्नोई और एसडीएम आकाश शर्मा नागरिक अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित छात्राओं और शिक्षकों से बातचीत कर पूरी घटना की जानकारी ली। एडीसी अनुराग ढालिया ने बताया कि आरोपी शिक्षक अनूप कुमार के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें मिल चुकी हैं। ये शिकायतें महिला आयोग तक भी पहुंची हैं। उन्हें पूर्व में चेतावनी भी दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रार्थना सभा के दौरान शिक्षक द्वारा बच्चों के बीच जातिगत जहर घोले जाने की बात सामने आई है। डीसी फतेहाबाद से विचार-विमर्श के बाद आरोपी शिक्षक का तुरंत प्रभाव से अन्य संस्थान में तबादला कर दिया गया है। इसके साथ ही, शिक्षक के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक और आपराधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पहले भी विवादों में आ चुका है शिक्षक
बता दें कि शिक्षक अनूप कुमार पहले भी विवाद में रह चुका है। अगस्त महीने में जब टोहाना एसडीएम ने स्कूल का दौरा किया तो काफी छात्राओं ने उन्हें शिकायत की थी कि शिक्षक अनूप कुमार जातिगत टिप्पणियां करते हैं और हिंदू देवी देवताओं बारे भी गलत बोलते हैं। इसके बाद महिला आयोग की वाइस चेयरपर्सन मीणा परमार ने मौके का निरीक्षण कर शिक्षकों, छात्राओं और आरोपी शिक्षक के डॉक्टर से बात कर बताया था कि शिक्षक का मानसिक हालत सही नहीं है और उनका इलाज चल रहा है।
एडीसी के सामने ब्यान देते हुए रोती छात्रा को चुप कराती जिला शिक्षा अधिकारी संगीता। संवाद
एडीसी के सामने ब्यान देते हुए रोती छात्रा को चुप कराती जिला शिक्षा अधिकारी संगीता। संवाद