फतेहाबाद। जिले के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में एक बार फिर शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। पहले शिक्षक एसआईआर के काम में व्यस्त रहे। अब कक्षा एक से पांच तक पढ़ाने वाले 1,725 शिक्षक सोमवार से छह दिन के एफएलएन प्रशिक्षण में शामिल होंगे।
इस अवधि में शिक्षक स्कूलों से बाहर रहेंगे। निपुण हरियाणा मिशन के तहत शिक्षकों का फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) प्रशिक्षण शुरू होगा। प्रशिक्षण सुबह आठ बजे से दोपहर तीन बजे तक ब्लॉक स्तर पर बनाए गए केंद्रों में चलेगा। जिले में इसके लिए 39 बैच बनाए गए हैं। प्रत्येक बैच में करीब 40 से 45 शिक्षक शामिल होंगे।
प्रत्येक बैच का प्रशिक्षण छह दिन चलेगा। इससे अलग-अलग अवधि में प्राथमिक कक्षाओं को पढ़ाने वाले शिक्षकों की बड़ी संख्या स्कूलों से प्रशिक्षण केंद्रों पर रहेगी। विभाग की ओर से ब्लॉकवार बैच और प्रशिक्षण स्थल तय किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण केंद्रों पर अन्य व्यवस्थाएं भी पूरी की जा रही हैं।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कक्षा एक से पांच तक के बच्चों में पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणितीय दक्षताओं को मजबूत करना है। शिक्षकों को एफएलएन आधारित गतिविधियों को कक्षा में प्रभावी ढंग से लागू करने की जानकारी दी जाएगी।
बच्चों के सीखने के स्तर के अनुसार शिक्षण गतिविधियां तैयार करने पर जोर रहेगा। लर्निंग आउटकम सुधारने और सीखने में आ रही कमियों की पहचान भी कराई जाएगी। अपेक्षित स्तर से पीछे रहने वाले बच्चों के लिए फोकस्ड रेमेडिएशन की जानकारी दी जाएगी।
इसमें बच्चों की जरूरत के अनुसार विशेष अभ्यास और शिक्षण गतिविधियां शामिल होंगी। इससे पहले शिक्षक एसआईआर के काम में व्यस्त रहे थे। अब छह दिन के प्रशिक्षण के कारण प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता प्रभावित होने की स्थिति बन रही है।
छह दिन में प्री और पोस्ट टेस्ट भी
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों का प्री और पोस्ट-टेस्ट लिया जाएगा। इसके साथ ही उपस्थिति, टीचर किट, हैंडआउट और प्रशिक्षण से संबंधित दस्तावेज की रिपोर्टिंग भी की जाएगी। प्रशिक्षित एसटीजी और केआरपी शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे।
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प्रशिक्षण के बाद कक्षा में लागू करना होगा सीखा हुआ
जिला एफएलएन संयोजक दिलबाग सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल शिक्षकों को छह दिन की ट्रेनिंग देना नहीं है बल्कि प्रशिक्षण में सीखी गतिविधियों और तकनीकों को विद्यालयों की कक्षाओं तक पहुंचाना है। इससे बच्चों के पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणितीय कौशल में सुधार लाने का लक्ष्य है।
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निपुण हरियाणा मिशन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए शिक्षकों का प्रशिक्षण महत्वपूर्ण है। इसके लिए सभी ब्लॉक में आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए बैच बनाए गए हैं।
- अनीता बाई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी