फतेहाबाद। सरकारी कार्यालयों में शिकायत देने के बाद उसकी फाइल कहां पहुंची, किस अधिकारी के पास लंबित है और कब तक समाधान होगा इसकी जानकारी के लिए अब लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जिला प्रशासन सरकारी कार्यालयों में ई-ऑफिस व्यवस्था को धरातल पर लागू करने की तैयारी कर रहा है।
इसके तहत कार्यालय में आने वाली शिकायत को ऑनलाइन दर्ज कर उसे एक यूनिक नंबर दिया जाएगा। शिकायतकर्ता इसी नंबर के जरिये अपनी शिकायत की स्थिति ऑनलाइन देख सकेगा। नगर परिषद प्रशासन ने इस प्रक्रिया पर काम शुरू किया है। अधिकारी इस बारे में ट्रायल भी ले रहे है। नगर परिषद में रोजाना 15 से 20 शिकायतें आती हैं।
ई-ऑफिस व्यवस्था शुरू होने के बाद शिकायत दर्ज होते ही वह संबंधित विभाग और अधिकारी के पास ऑनलाइन भेजी जाएगी। शिकायत पर की गई कार्रवाई भी सिस्टम में दर्ज होगी। यदि किसी स्तर पर शिकायत लंबे समय तक लंबित रहती है तो उसका रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा।
इससे अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक यह जिम्मेदारी तय हो सकेगी कि शिकायत किस स्तर पर कितने समय से लंबित है। शिकायतकर्ता को हर बार कार्यालय जाकर यह पूछने की जरूरत नहीं होगी कि उसकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई। यूनिक नंबर के माध्यम से वह ऑनलाइन स्टेटस देख सकेगा।
इससे शिकायत की पूरी प्रक्रिया का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। यहां तक उच्च अधिकारी भी स्टेटस देख सकेंगे। हालांकि नगर परिषद में आमजन की सुविधा के लिए चार साल पहले शिकायत पेटिका लगी थी लेकिन यह आज तक भी नहीं खोली गई है। संवाद
ऐसे काम करेगा ई-ऑफिस सिस्टम
- शिकायत दर्ज
- यूनिक नंबर जारी
- संबंधित ब्रांच को ऑनलाइन भेजी जाएगी
- अधिकारी/कर्मचारी के स्तर पर कार्रवाई
- कार्रवाई की रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज
- शिकायतकर्ता स्टेटस देख सकेगा
- निस्तारण के बाद रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा।
इन विभागों में सबसे ज्यादा शिकायतें
जिले में लोगों की समस्याओं से जुड़ी शिकायतें कई सरकारी विभागों में आती हैं। इनमें जनस्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, समाज कल्याण और क्रीड विभाग से जुड़ी शिकायतें प्रमुख हैं। पानी, सीवर, सफाई, स्ट्रीट लाइट, स्वास्थ्य सेवाओं, राशन, पेंशन, स्कूलों से जुड़ी समस्याओं समेत विभिन्न मामलों में लोग कार्यालयों में शिकायत देते हैं।
फाइल किस टेबल पर है यह भी रहेगा रिकॉर्ड में
वर्तमान व्यवस्था में शिकायत देने के बाद कई बार लोगों को यह पता लगाने के लिए अलग-अलग कर्मचारियों और अधिकारियों से संपर्क करना पड़ता है कि मामला किस स्तर पर पहुंचा है। ई-ऑफिस में शिकायत के ऑनलाइन मूवमेंट का रिकॉर्ड रहेगा। इससे यह पता चल सकेगा कि शिकायत कब दर्ज हुई, कब संबंधित शाखा को भेजी गई और किस अधिकारी या कर्मचारी के स्तर पर उस पर कार्रवाई हुई।
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जवाबदेही तय करने में भी मदद
नई व्यवस्था में किसी शिकायत के निस्तारण में देरी होने पर यह देखना आसान होगा कि मामला किस स्तर पर लंबित रहा। इससे संबंधित अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी तय करने में प्रशासन को मदद मिलेगी। साथ ही शिकायतों के निस्तारण की निगरानी उच्च स्तर से भी की जा सकेगी।
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शिकायतकर्ता को ये होगा फायदा
शिकायत दर्ज कराने के बाद यूनिक नंबर मिलेगा।
घर बैठे ऑनलाइन स्टेटस देखा जा सकेगा।
शिकायत किस ब्रांच और अधिकारी के पास है, इसकी जानकारी मिलेगी।
कार्रवाई का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा।
शिकायत के लंबित रहने की स्थिति की निगरानी आसान होगी।
बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी।
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ई ऑफिस व्यवस्था को धरातल पर शुरू किया जा रहा है। इस बारे में प्रयास किए जा रहे हैं कि सिटीजन को इसका फायदा मिल सके। उच्च अधिकारियों की तरफ से इसे लागू करने के बारे में सख्त निर्देश दिए गए हैं।
- गोविंद, सचिव, नगर परिषद