फतेहाबाद। शहर के स्वामी नगर में राजकीय प्राइमरी स्कूल की बिल्डिंग छोटी और कंडम होने के कारण नई बिल्डिंग को लेकर 9 साल से विवाद चल रहा था, अब नई बिल्डिंग तैयार हो गई है तो वहां तक पहुंचने के लिए छात्रों को रास्ता नहीं मिल रहा है। स्वामी नगर से स्कूल तक पहुंचने के लिए छात्रों के पास सीधा रास्ता नहीं है, स्कूल तक जाने के लिए खेतों के बीच में से होकर जाना पड़ रहा है। जमींदार फसल खराब होने के डर से विद्यार्थियों को जाने नहीं दे रहे हैं तो अभिभावक भी भेजने को तैयार नहीं है। कुछ अभिभावक खुद बच्चों को लेकर खेतों के रास्ते छोड़कर आ रहे हैं।
हालात ये हो गए हैं कि स्कूल में मात्र 36 फीसदी छात्र ही जा रहे हैं। करीब 64 फीसदी विद्यार्थियों को अभिभावक स्कूल भेज ही नहीं रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि खेत के रास्ते जाने से विद्यार्थियों के साथ हादसा हो सकता है। अगर सड़क मार्ग से जाते हैं तो विद्यार्थियों को चार किलोमीटर घूमकर जाना होगा। सोमवार को स्कूल में 425 में से मात्र 155 विद्यार्थी ही पहुंचे हैं। बता दें कि स्वामी नगर से स्कूल तक का सीधा रास्ता नहीं है। अगर विद्यार्थी सड़क मार्ग से जाते हैं तो उन्हें पहले मिनी बाईपास से बीघड़ रोड जाना होगा और फिर गौशाला के रास्ते होते हुए स्कूल पहुंचना होगा। करीब तीन से चार किलोमीटर का रास्ता तय करना होगा। अहम बात यह है कि मिनी बाइपास और बीघड़ रोड पर सबसे ज्यादा ट्रैफिक होता है। ऐसे में प्राइमरी स्कूल के विद्यार्थी जा ही नहीं सकते है। संवाद
ग्राम पंचायत मताना ने दी है दो एकड़ जमीन
स्वामी नगर जो कि पहले ग्राम पंचायत मताना में आता था और अब नगर परिषद की सीमा में शामिल हो गया है। स्वामी नगर में करीब 8 मरले की जगह में प्राइमरी स्कूल चल रहा था, विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा होने के कारण स्कूल की बिल्डिंग छोटी रहने लगी। 2013 में ग्राम पंचायत मताना ने स्कूल के लिए गौशाला के पास दो एकड़ जगह दी। स्कूल की नई बिल्डिंग को लेकर कार्रवाई धीमी रही और अब 2022 में करीब 48 लाख से ये तैयार हुई है।
खेतों के रास्ते खुद छोड़कर आ रहे अभिभावक
स्कूल की बिल्डिंग तैयार होने के बाद कोरोना महामारी के चलते प्राइमरी स्कूल बंद रहे, जो कि अब हाल ही में 10 फरवरी को शुरू हुए है। नई बिल्डिंग मे जाने के लिए विद्यार्थियों को रास्ता नहीं मिला, खेतों के रास्ते जाने लगे तो जमींदारों ने एतराज करना शुरू कर दिया। अब स्वामी नगर के लोग जमींदारों को अपील कर खेत के रास्ते जा रहे हैं। अभिभावक खुद बच्चों को खेतों में से ले जाकर स्कूल छोड़कर आ रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि खेत के रास्ते विद्यार्थी अकेले जाते हैं तो कोई अप्रिय घटना हो सकती है।
11 फुट खाल की जगह मिले तो बन सकता है रास्ता
स्वामी नगर का राजकीय प्राइमरी स्कूल नई बिल्डिंग में शिफ्ट हो गया है। स्कूल तक सीधा रास्ता न होने के कारण अभिभावक बच्चों को नहीं भेज रहे हैं। बताया जा रहा है कि स्कूल के पास तक सरकारी खाल है, लेकिन उस पर कब्जा हो चुका है। प्रशासन चाहे तो सर्वे करवाकर सरकारी खाल की जगह ढूंढकर रास्ता बना सकता है।
काट
स्कूल नई बिल्डिंग में शिफ्ट हो गया है लेकिन विद्यार्थी कम आ रहे हैं। स्कूल आने के लिए सीधा रास्ता न होने के कारण अभिभावक नहीं भेज रहे हैं। उच्च अधिकारियों के संज्ञान में ये मामला लाया गया है।
- सुभाष कुमार, इंचार्ज, राजकीय प्राइमरी स्कूल स्वामी नगर
कोट
स्वामी नगर में स्कूल के लिए 2013 में जगह दी गई थी, अब स्कूल बनकर तैयार हो गया है लेकिन वहां जाने के लिए रास्ता नहीं है। निजी खेत है, रास्ते के लिए जमीन मालिकों से मिला जाएगा ताकि बच्चों को स्कूल जाने के लिए रास्ता मिल सके।
- संजय रूखाया, पूर्व सरपंच, ग्राम पंचायत मताना
कोट
स्कूल जाने के लिए विद्यार्थियों को चार किलोमीटर घूमकर जाना पड़ रहा है। बच्चे छोटे हैं, इस वजह से मां-बाप भेज भी नहीं रहे हैं और वह खुद परेशान है।ं प्रशासन से मांग है कि स्कूल जाने के लिए रास्ते की व्यवस्था की जाए ताकि विद्यार्थियों का भविष्य खराब न हो सके।
- ज्ञान सिंह, निवासी स्वामी नगर
कोट
मेरे संज्ञान में ये मामला अभी आया है, इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी से बात की जाएगी, कोई न कोई समाधान जरूर निकाला जाएगा ताकि छात्रों को दिक्कत न आएं।
- प्रदीप कुमार, उपायुक्त, फतेहाबाद।
स्वामी नगर के प्राइमरी स्कूल में पहुंचे विद्यार्थी।- फोटो : Fatehabad
खेत में से होकर स्कूल जाते हुए स्वामी नगर प्राइमरी स्कूल के विद्यार्थी।- फोटो : Fatehabad