मुकेश खुराना। प्रधानमंत्री की स्वच्छ भारत मुहिम में अब देश भर के स्कूल भी जुड़ने जा रहे हैं। स्कूलों की स्वच्छता को लेकर बारीकी से जांच होगी। यहां तक कि स्कूलों में बच्चों के हैंड वॉश तथा कुक के हैंड वॉश तक की जांच की जाएगी। इसी आधार पर स्कूलों को 100 में से अंक मिलेंगे। अंकों के लेवल पर रेटिंग स्कोर मिलेगा, जिसके आधार पर स्कूलों का कंपीटीशन करवाया जाएगा। इसी के साथ रेड स्कोर रेटिंग में रहने वाले स्कूलों पर गाज भी गिर सकती है। कंपीटीशन में नेशनल लेवल पर बेस्ट 100 स्कूलों में प्रत्येक स्कूल को 50 हजार रुपये का पुरस्कार भी दिया जाएगा।
इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला शिक्षा विभाग को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
स्कूलों में पानी की व्यवस्था, टायलेट सुविधा, विद्यार्थी साबुन के साथ हाथ धोते हैं या नहीं, सफाई की मैनेजमेंट, कुक हाथ धोकर खाना बनाते हैं या नहीं तथा जागरूकता को जानने के लिए स्कूल संचालकों से शिक्षा विभाग प्रोफार्मा भरवाएगा। स्कूलों को 31 जुलाई तक प्रोफार्मा भरकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करवाना होगा।
कमेटी करेगी स्कूलों की जांच
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रोफार्मा जमा होने के बाद डीईओ अपने लेवल पर कमेटी गठित करेगा। इसमें तीन टीचर, वाटर सप्लाई इंजीनियर, हेल्थ ऑफिसर तथा दो सदस्य एनडीओ के शामिल होंगे। कमेटी एक अगस्त से 31 अगस्त तक स्कूलों की वेरिफिकेशन करेगी।
इन तरह मिलेंगे अंक
वाटर सप्लाई 22 अंक
टायलेट सुविधा 28 अंक
हैंड वॉश 20 अंक
ऑपरेशन मेंटेनेंस 15 अंक
आचरण और जागरूकता 35 अंक
अंकों के हिसाब से स्कूलों को कलर रेटिंग स्कोर मिलेगा। इसमें 35 से 100 अंक लेने वाले स्कूल को कंपीटीशन में शामिल किया जाएगा।
रेड रेटिंग स्कोर वाले स्कूल पर गिर सकती है गाज:
90 से 100 अंक - ग्रीन रेटिंग
75 से 89 अंक - ब्लू रेटिंग
59 से 74अंक - येलो रेटिंग
35 से 50 अंक - ओरेंज रेटिंग
35 से कम अंक - रेड रेटिंग
प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत स्वच्छ स्कूल के तहत 31 जुलाई तक स्कूलों को प्रोफार्मा भरकर देना होगा। इसमें कुछ प्वाइंट्स दिए गए हैं। उसके बाद कमेटी स्कूलों की वेरिफिकेशन करेगी। वेरिफिकेशन में स्कूलों को अंक दिए जाएंगे, जिनके आधार पर स्कूलों का राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कंपीटीशन करवाया जाएगा। बेस्ट सौ स्कूलों को 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
संत कुमार, डीपीसी, जिला शिक्षा विभाग फतेहाबाद