भूना। सब डिविजन भूना के तीन फीडर का रखरखाव, बिजली सप्लाई एवं मेंटेनेंस और बिजली चोरी रोकने के कार्य का प्राइवेट कंपनी को टेंडर दिए जाने के खिलाफ ग्राम पंचायतों ने कड़ा विरोध किया हैं। टेंडर को निरस्त करवाने को लेकर सोमवार को सात गांवों के सरपंचों ने बिजली निगम भूना के एसडीओ को ज्ञापन सौंपकर ग्रामीणों के विरोध से संबंध में अवगत करवाया।
सरपंचों ने कहा कि जनता नहीं चाहती कि बिजली का निजीकरण हो। वोट देकर सरकार बनाते हैं तो जवाबदेही सरकार की होनी चाहिए। एसडीओ जोजो तनेजा ने सरपंचों एवं प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि उनका मांग पत्र उच्च अधिकारियों को भेज दिया जाएगा। वहीं सरपंचों एवं जनप्रतिनिधियों ने एसडीओ को बताया कि गांवों में जैसे ही बिजली के निजीकरण कर दिए जाने की सूचना मिली है तभी से ही ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इसलिए गांव में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होती है तो उसके जिम्मेदार वे स्वयं होंगे। उधर, ढाणी गोपाल गांव में सोमवार को दूसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन किया गया। ग्रामीणों ने फैसला लिया कि ढाणी गोपाल की बिजली सप्लाई का टेंडर लेने वाले ठेकेदार को गांव में नहीं घुसने देंगे और अधिकारियों को बंधक बनाएंगे।
गांव जांडली, सिंथला व ढाणी गोपाल फीडर पर लाइन लॉस के चलते आधिकारिक तौर पर प्राइवेट कंपनी को इसका टेंडर दिया गया है। उपरोक्त तीनों फीडर पर सात गांव जुड़े हुए हैं, इनमें जांडली आरडीएस फीडर पर खजूरी जाटी, जांडली कला, बालनवाली व चंद्रावल गांव शामिल हैं। सिंथला आरडीएस फीडर पर टिब्बी व सिंथला गांव की सप्लाई हो रही है जबकि तीसरा ढाणी गोपाल फीडर शामिल है। बिजली निगम के एसडीओ के अनुसार उपरोक्त तीनों ही फीडर पर लाइन लॉस 58 प्रतिशत चल रहा है। इसलिए सब डिविजन के इन फीडर से संबंधित सात गांवों का हिसार की प्राइवेट कंपनी को टेंडर दिया गया है।
सोमवार को ग्राम पंचायत जांडली कला की सरपंच शीला भैरो, पंचायत सदस्य सुरेश कुमार व सुनील जागलान, ग्राम पंचायत टिब्बी सरपंच पूजा सहारण, चंद्रावल सरपंच शैलेंद्र सिंह, खजूरी जाटी सरपंच सीताराम, जांडली खुर्द सरपंच बलवंत सिंह पूनिया, ढाणी गोपाल सरपंच रेशमा गोदारा, नंबरदार जगदीश फगेडिया, सरपंच प्रतिनिधि सुशील सहारण, सरपंच प्रतिनिधि रामकुमार गोदारा आदि ने अपनी- अपनी पंचायतों के प्रस्ताव पारित करके प्राइवेट कंपनी को बिजली सप्लाई का दिए गए टेंडर को निरस्त करने की मांग रखी।
सोमवार को जांडलीकला आरडीएस व सिंथला आरडीएस और ढाणी गोपाल फीडर से संबंधित सात गांवों की पंचायत के सरपंचों एवं प्रतिनिधियों ने ज्ञापन सौंपकर प्राइवेट कंपनी को दिए गए टेंडर को रद्द करने की मांग रखी है। उच्च अधिकारियों को ज्ञापन भेज दिया गया है। इन तीनों फीडर पर बिजली निगम को 60 प्रतिशत नुकसान हो रहा है जबकि मात्र 40 प्रतिशत को ही फायदा मिल रहा है। इसलिए बिजली सप्लाई को दुरुस्त करने व बिजली चोरी रोकने के लिए प्राइवेट कंपनी को टेंडर दिया गया है।
-जोजो तनेजा, एसडीओ, बिजली निगम भूना