फतेहाबाद। राशन डिपो धारकों की एक जनवरी से शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को भी जारी रही। हड़ताल कर रहे डिपो धारकों ने राशन नहीं बांटा। डिपो पर सरसों का तेल और चीनी पहुंच गई है। इस बार बाजरे का स्टॉक अधिक रहेगा। इसके बावजूद कार्ड धारकों को राशन नहीं मिल रहा है, जिस कारण राशन डिपो पर जाकर कार्ड धारक मायूस होकर लौट रहे हैं।
फतेहाबाद जिले में कुल 377 राशन डिपो हैं, जिन पर ताले लटके हैं। राशन डिपो के बाहर अब तो राशन डिपो धारकों ने नोटिस भी चस्पा दिए हैं कि वह हड़ताल पर हैं और राशन नहीं बंटेगा। राशन की उम्मीद में लोग डिपो पर तो जा रहे हैं, लेकिन बंद पड़े डिपो और वहां लगे नोटिस को देखकर वह मायूस होकर लौट रहे हैं।
फतेहाबाद जिले में करीब 1,84,000 राशन कार्ड धारक हैं। वह इस माह के राशन से वंचित हैं। पिछले माह भी गेहूं में 24 फीसदी और बाजरे में 18 फीसदी की कटौती के कारण 30 फीसदी कार्ड धारक राशन से वंचित रह गए थे।
अब तो 100 फीसदी राशन कार्ड धारकों का राशन रुका है। हालांकि सरकार ने गेहूं की कमी के कारण इस बार बाजरे का आवंटन बढ़ाया है, लेकिन राशन डिपो धारकों की हड़ताल के कारण राशन कार्ड धारक अन्न, चीनी, तेल तीनों से वंचित हो रहे हैं। राशन डिपो संचालक 15 जनवरी तक हड़ताल करने के बाद 16 को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं।
गरीब परिवाराें के लिए परेशानी
खुले बाजार में आजकल गेहूं के दाम 2,500 से 2,600 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। आटा चक्कियों पर 300 से 330 रुपये में 10 किलो आटा मिल रहा है। राशन डिपो से राशन न मिलने के कारण इन परिवारों को आटा चक्कियों से महंगे दामों में आटा खरीदना पड़ रहा है। सरसों के तेल की कीमत 140 रुपये प्रति लीटर तक है और चीनी 35 से 40 रुपये प्रति किलो तक मिल रही है। अगर राशन डिपो धारकों की हड़ताल आगे जारी रही तो गरीब परिवारों के लिए परेशानी बढ़ जाएगी।
सरकार के नए नियम राशन डिपोधारकों के लिए उचित नहीं हैं। हालांकि, सरकार ने मार्जन मनी में 200 रुपये की बढ़ोतरी की है, लेकिन इस फैसले से राशन डिपो और कार्ड धारकों के बीच झगड़ा बढ़ने के आसार हैं। सरकार ने 300 राशन कार्डों पर एक डिपो का लाइसेंस देने का निर्णय लिया है, जबकि पहले 600 से 1200 राशन कार्डों पर राशन डिपो का लाइसेंस मिलता था। इसलिए सरकार को पुराने नियम लागू करने चाहिए। 300 राशन कार्ड की अनुचित शर्त लगाकर सरकार रोजगार खत्म करने की कोशिश कर रही है।
- शीशपाल गोदारा, प्रदेशाध्यक्ष, फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन, हरियाणा।