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जाखल अनाज मंडी में संयुक्त किसान मोर्चा की हुई महापंचायत, 26 मार्च को भारत बंद करेंगे किसान

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महापंचायत में लाइन बनाकर बैठे किसान। - फोटो : Fatehabad
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जाखल की अनाज मंडी में सोमवार को हुई संयुक्त किसान मोर्चा की महापंचायत में छह हजार से अधिक किसानों की हाजिरी रही। बड़ी तादाद में महिलाएं हाथों में झंडे लेकर महापंचायत में पहुंची। मंच से किसान नेताओं ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए 23 मार्च को शहीद भगतसिंह, राजगुरु, सुखदेव के शहीदी दिवस पर दिल्ली बॉर्डर पर पहुंचने का आह्वान किया। वहीं, 26 मार्च को भारत बंद करने का एलान किया।
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नेताओं ने कहा कि शहीदी दिवस कार्यक्रम की कमान पूरी तरह युवाओं के हाथों में होगी। उधर, महापंचायत में लगातार किसानों की भीड़ बढ़ने से प्रशासन के हाथ-पांव फूले रहे। 15 ड्यूटी मजिस्ट्रेट कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारियों के साथ तैनात रहे। अनाज मंडी के अलावा जाखल शहर में भी भारी पुलिस बल तैनात रहा और बड़े अधिकारी पल-पल की जानकारी लेते रहे। हालांकि, महापंचायत में मोर्चे के प्रमुख नेता बलबीर सिंह राजेवाल नहीं पहुंच सके। महापंचायत की अध्यक्षता जोगेंद्र सिंह उगराहा ने की। उगराहा ने स्पष्ट किया कि मोर्चे का संसद घेरने का फिलहाल कोई कार्यक्रम नहीं है।
सरकार ने अपनाया अड़ियल रवैया, किसान झुकेंगे नहीं
महापंचायत को संबोधित करते हुए किसान नेता रुलदू सिंह मानसा ने कहा कि केंद्र सरकार कृषि कानूनों को लेकर अड़ियल रवैया अपनाए हुए है। किसान पिछले साढ़े तीन महीने से तीनों कानून वापस करवाने के लिए आंदोलन चलाए हुए हैं। फिर भी सरकार नहीं मान रही है। मगर किसान झुकेंगे नहीं बल्कि आखिरी सांस तक लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि दिन-प्रतिदिन आंदोलन को मजबूती मिल रही है।
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महिलाएं पीले रंग का दुपट्टा पहनकर पहुंची
महापंचायत के दौरान बुजुर्गों से लेकर महिलाओं व बच्चों में भी खासा उत्साह दिखाई दिया। अधिकांश महिलाएं पीले रंग का दुपट्टा पहनकर पहुंची। बच्चों व महिलाओं के हाथों में किसान एकता के झंडे रहे। ट्रैक्टरों से लेकर बसों व कारों में भी किसान जाखल पहुंचे। अलग-अलग जत्थों में शामिल होकर आए किसानों ने जमकर नारेबाजी भी की।
अलर्ट रहा पुलिस प्रशासन
टोहाना डीएसपी बिरेम सिंह, नायब तहसीलदार रामचंद्र अहलावत, थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह के अलावा भारी पुलिस बल के साथ प्रशासन अलर्ट रहा। अनाज मंडी में आयोजित महापंचायत को लेकर सभी मुख्य सड़क मार्गों पर पुलिस मुस्तैद रही। वाहनों के आवागमन को बनाए रखने के लिए भी पुलिस ने विशेष नजर रखी। यातायात व्यवस्था बनाने के लिए भी पुलिसकर्मियों ने कड़ी मशक्कत की।
55 विधायकों का सामाजिक बहिष्कार करने का आह्वान
मंच से पंजाबी लोक गायक परमजीत सिंह पम्मी व किसान संघर्ष समिति के राज्य संयोजक मनदीप सिंह नथवान ने भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन नहीं करने वाले प्रदेश के 55 विधायकों का सामाजिक बहिष्कार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब भी उक्त 55 विधायकों में से कोई गांव या शहर में आए तो उनका जमकर विरोध किया जाए। ऐसे नेताओं को आगामी चुनावों में भी सिरे से नकारने का संदेश दिया गया।
हरियाणा-पंजाब के भाईचारे पर अधिक फोकस
मंच से किसान नेताओं ने हरियाणा-पंजाब के भाईचारे पर अधिक फोकस रखा। ज्यादातर नेताओं ने कहा कि पंजाब बड़ा भाई है और छोटे भाई हरियाणा का आंदोलन में भरपूर समर्थन मिला है। इस कारण किसान आंदोलन को और मजबूती मिली है। अब भविष्य में इसी मुद्दे के साथ किसानी व खेती को बचाने के लिए संघर्ष जारी रखा जाएगा। किसान नेताओं ने किसानों को आश्वस्त किया कि वह इस संघर्ष को निश्चित रूप से जीत रहे हैं। सरकार की चूलें हिल चुकी है।
लंगर से लेकर कंट्रोल रूम और मेडिकल सुविधा तक मिली
महापंचायत के दौरान किसानों को चाय-पानी व लंगर से लेकर कंट्रोल रूम और मेडिकल तक की सुविधा मिली। अलग से कंट्रोल रूम बनाया गया, जहां पर किसी भी प्रकार की सूचना से सबको अवगत करवाया जा सकता था। वहीं, फर्स्टएड की सुविधा के लिए मेडिकल हेल्प डेस्क भी लगाई गई।

जाखल में किसान महापंचायत के मंच पर बैठे प्रमुख किसान नेता।- फोटो : Fatehabad

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