फतेहाबाद। मुख्यमंत्री द्वारा सफाईकर्मियों के मानदेय में की गई मामूली बढ़ोतरी से कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। इस बढ़ोतरी को नाकाफी बताते हुए ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने सोमवार को शहर में जिलास्तर पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में जिलेभर से ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने भाग लिया और मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। प्रदर्शन का नेतृत्व ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के जिला सचिव बेगराज ने किया।
जिला सचिव बेगराज व कोषाध्यक्ष हरपाल सिंह ने कहा कि 17 साल से कच्ची नौकरी की मार झेल रहे सफाईकर्मियों को इस विधानसभा चुनाव से पहले पक्के होने की उम्मीद थी, लेकिन भाजपा सरकार ने सफाईकर्मियों को पक्का करने के बजाय केवल 1000 रुपये की मामूली बढ़ोतरी करके जले पर नमक छिड़कने का काम किया है। सरकार ने सफाई कर्मचारी पोर्टल बनाने की घोषणा करते हुए अपनी मंशा साफ कर दी है कि ये सफाई कर्मचारी आगे भी पक्के नहीं होंगे और जीवनभर कच्ची नौकरी की मार झेलते रहेंगे। 29 नवंबर को विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ शहरी कच्चे सफाईकर्मियों के बराबर वेतन देने, वेतन में सालाना 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने तथा रिटायर होने पर 2 लाख रुपये एक मुश्त सहायता देने की बनी सहमति को लागू नहीं करके सरकार ने वादाखिलाफी की है।
अब हरियाणा के 11 हजार ग्रामीण सफाई कर्मचारी चुप नहीं बैठेंगे और इस नाइंसाफी और शोषण के खिलाफ प्रदेश भर में आंदोलन करेंगे। 1 और 2 अगस्त को डीसी कार्यालय पर 24 घंटे पड़ाव डाला जाएगा। 11 अगस्त को सीएम सिटी करनाल में राज्य स्तरीय प्रदर्शन करते हुए सीएम आवास का घेराव करके आंदोलन को तेज किया जाएगा। प्रदर्शन को सुरेंद्र कुमार, अनिल बोस्ती, हरपाल सिंह, दर्शन सिंह, गुरदास, जगदीश, पवन कुमार, दीपक कुमार, गुलजारी आदि ने संबोधित किया।