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Fatehabad News: रोजाना 25 से 30 लोगों को काट रहे कुत्ते, नगर परिषद ने तीसरी बार लगाया टेंडर

Mon, 15 Jul 2024 11:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद की हंस कॉलोनी में गली में घूमते कुत्ते।
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फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में रोजाना कुत्ते के काटने पर एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए 25 से 30 लोग आ रहे हैं। जून माह में 890 लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंचे। कुत्तों को पकड़कर उनके टीकाकरण और बधियाकरण का प्रोजेक्ट करीब 10 माह से अटका हुआ है। शर्तों के चलते टेंडर सिरे नहीं चढ़ पाया और रद्द कर दिया गया था। नगर परिषद ने एक बार फिर से प्रक्रिया शुरू करते हुए टेंडर जारी किया है।
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लेकिन इसके लिए वह एजेंसी ही आवेदन कर पाएगी, जो एनिमल वेल्फेयर बोर्ड ऑफ इंडिया से पंजीकृत है और दो हजार कुत्तों की नसबंदी का अनुभव है। इसके साथ ही नगर परिषद ने 36 शर्तें तय की हैं।
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ये लगाई मुख्य शर्तें
- एजेंसी जितने भी कुत्तों का ऑपरेशन करेगी, उतने का ही भुगतान होगा।
- वेटरनरी डॉक्टर ठेकेदार को खुद रखना होगा।
- कुत्ते पकड़ने के साधन, एंटी रैबीज दवाई, कुत्ते की खुराक, कुत्ते के बीमार होने पर उसके उपचार को लेकर दवाइयों का प्रबंध खुद करना होगा।
- कुत्तों को रखने का स्थान, पानी, बिजली, ऑपरेशन थियेटर के लिए कमरे का प्रबंध करना होगा।
- कुत्तों को पकड़ते समय निर्दयता नहीं बरतनी होगी। सरकार द्वारा और एनिमल बोर्ड ऑफ इंडिया की तरफ से जो नियम बनाए गए हैं उनकी पालना ठेकेदार को करनी होगी।
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- जिस क्षेत्र से कुत्तों को पकड़ा जाएगा उनका रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज करना होगा। ऑपरेशन के बाद कुत्तों को वापस छोड़ना होगा।
- बिल का भुगतान पशुपालन विभाग के डॉक्टर व कमेटी के सत्यापन के बाद ही किया जाएगा।
- नसबंदी के बाद कुत्ते के दाहिने कान पर वी मार्क का निशान लगाना होगा।
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मामले दर्ज लेकिन पालतू कुत्तों का पंजीकरण नहीं हो रहा
आवारा कुत्तों के अलावा पालतू कुत्तों के काटने का भी लोग शिकार हो रहे हैं। पिछले दिनों पालतू कुत्ते के हमले को लेकर दो मामले भी दर्ज हो चुके हैं। बावजूद इसके सख्ती नहीं बरती गई है। नगर परिषद में पालतू कुत्तों को लेकर पंजीकरण ही नहीं करवाया जा रहा है। इसको लेकर नगर परिषद की तरफ से कोई सख्ती भी नहीं बरती गई है।
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कुत्तों के टीकाकरण और बधियाकरण को लेकर टेंडर लगा दिया गया है। नियम के अनुसार शर्तें लगाई गई हैं। इन शर्तों का एजेंसी को पालन करना होगा। शर्तें पूरी करने वाली एजेंसी को ठेका जारी किया जाएगा। पहले भी टेंडर लगाया गया था लेकिन किन्हीं कारणों से रद्द कर दिया गया था।
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- राजेंद्र सोनी, ईओ नगर परिषद
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