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Fatehabad News: नागरिक अस्पताल में तीन माह बाद पहुंची सैंपल जांच किट, अब हो सकेगी जांच

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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल के ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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फतेहाबाद। हेपेटाइटिस सी और बी के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। नागरिक अस्पताल में सैंपल जांच के लिए किट आ गई है। अब हेपेटाइटिस सी और बी के आशंकित मरीजों की जांच हो पाएगी। पिछले तीन माह से सैंपल जांच किट खत्म थी। इसके चलते पहले उपचार ले रहे मरीज और आशंकित मरीजों की जांच नहीं हो पा रही थी। अब स्वास्थ्य विभाग ने हेपेटाइटिस सी और बी की एक-एक किट भेजी है।
फिलहाल जो किट आई है उससे हेपेटाइटिस सी के 250 और हेपेटाइटिस बी के 250 मरीजों के सैंपलों की जांच हो पाएगी। हेपेटाइटिस बी के 500 से ज्यादा मरीज वेटिंग में है। स्वास्थ्य विभाग सैंपल लेकर जांच के लिए गांव बड़ोपल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थित आरटीपीसीआर लैब में भेजता है। यहां पर सैंपलों की जांच होती है।
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निजी लैब से पिछले साल खत्म कर दिया था अनुबंध :
जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस सी का उपचार शुरू होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए निजी लैब से अनुबंध किया था। मरीज को डॉक्टर कार्ड जारी करते और उसे दिखाकर निजी लैब से जांच करवाई जाती थी और उसके बाद जिला अस्पताल में ही मरीज को दवाई उपलब्ध करवाई जाने लगी। हालांकि पिछले साल 28 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग ने निजी लैब से अनुबंध खत्म कर दिया और आरटीपीसीआर लैब में जांच शुरू करने के निर्देश दिए। पहले लैब में माइक्रोबायलोजिस्ट न होने और फिर किट न होने के चलते जांच शुरू नहीं हो पाई थी। दिसंबर में जांच शुरू हुई थी, लेकिन 15 दिन में ही किट खत्म हो गई थी।
हेपेटाइटिस सी को लेकर रेड जोन में शामिल है जिला
डाक्टरों के अनुसार हेपेटाइटिस सी वायरस के लक्षण पांच से लेकर सात सालों के बाद नजर आते हैं। रतिया क्षेत्र में सर्वे के दौरान सामने आया था कि आरएमपी डाक्टरों ने इलाके में कई लोगों को एक ही सीरिंज से टीके लगाए, जिससे हेपेटाइटिस सी वायरस (एससीवी) एक से दूसरे में चला गया। रतिया व उसके आसपास के क्षेत्र में करीब 11 साल पहले काला-पीलिया के आशंकित मरीज सामने आने लगे थे। रतिया में सर्वे के दौरान करीब 15 सौ मरीज सामने आए और बढ़ते चले गए।
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तीन से छह माह खानी होती है दवा
डॉक्टरों के मुताबिक हेपेटाइटिस सी के मरीजों को तीन माह दवा खानी होती है। जिन मरीजों का लीवर खराब हो जाता है, उन मरीजों का 6 महीने दवाई दी जाती है। जिन मरीजों का उपचार पूरा हो गया है, उन्हें हेपेटाइटिस-सी का कार्ड टेस्ट दोबारा करवाने की जरूरत नहीं है, कार्ड टेस्ट 15 साल तक पॉजिटिव रह सकता है।
ये हेपेटाइटिस सी मरीजों की स्थिति
शुरू हुआ उपचार : वर्ष 2017
पंजीकृत मरीज : 6310
न हेपेटाइटिस सी की पुष्टि : 4850
कोट
हेपेटाइटिस सी और बी की जांच को लेकर सैंपल किट आ गई है। अस्पताल में अब मरीजों के सैंपल लेकर लैब में भेजे जाएंगे।
- डॉ.मनीष टुटेजा, विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
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