समैन। टोहाना-हिसार जाने वाले नेशनल हाइवे 148बी पर स्थित है गांव समैन लांबा राम, ओठला वाल्मीकि व भेढा पंडित ने बसाया था। इसे कब बसाया गया इसकी सही विवरण किसी के पास नहीं है। ग्रामीण फकरिया राम बताते हैं कि इन तीनों के सिमाने (खाली जगह) में आकर बसने के कारण ही गांव का नाम समैन पड़ा।
गांव में तीन तालाब है। इनके नाम किरशाना, गिलाना व ढाब है। गिलाना तालाब गिल गोत्र के लोगों ने खुदवाया था। किरशाना तालाब के पास बने कुएं में कांच की सीढ़ियां बनी हुई बताई जाती है और इस तालाब की खुदाई महाभारतकाल की बताई जाती है। इसके कारण इसका यह नाम रखा गया है। गांव की विशेष पहचान गांव के बीच में बनी करीब डेढ़ वर्ष पुरानी चौपाल व छत्तीस बिरादरी के लोगों के आपसी भाईचारे का प्रीत है। गांव में 23 जातियों के लोग रहते है। इसमें गिल गोत्र की बहुलता है।
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समृद्धि के कारण गांव की अलग पहचान
पूर्व सरपंच एवं खाप नेता चौधरी बिरखा राम के अनुसार सावन माह के दौरान क्षेत्र में अच्छी मात्रा में समो (एक प्रकार का अनाज) पैदा होता था जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत रहती थी। लोगों की समृद्धि और अच्छी फसलों के कारण ही गांव की अलग ही पहचान है।
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125 साल पुरानी चूड़िया राम की हवेली है आकर्षण का केंद्र
गांव की पुरानी चौपाल के पास बनी करीब 125 साल पुरानी चूड़िया राम की हवेली भी गांव के आकर्षण का केंद्र रही है। इस हवेली में चूड़िया राम गोयल अपनी कपड़े की दुकान चलाते थे। मौजूदा समय में भी उनके परिवार के सदस्य नसीब चंद गोयल अब भी यहां से कपड़ा बेचने का काम करते हैं। पूर्व नौसैनिक दलबीर गिल ने बताया कि गर्मी के दिनों में वह चूड़िया राम की हवेली की छत पर बैठकर अपने मित्रों के साथ पढ़ाई करते थे और सामने बनी चौपाल में खेलते थे।
- गांव का इतिहास बहुत ही गौरवशाली रहा है। यहां के युवाओं ने सेना में भर्ती होकर देशसेवा की है। यहां गेहूं, धान, सरसों, गन्ना, चना सहित लगभग सभी फसलों की पैदावार बहुत अच्छी होती है इसलिए अच्छी फसल होने के कारण गांव का नाम समो और बाद में समैन हो गया।
- टोडर, पूर्व सैनिक।
गांव शुरू से ही आर्थिक, सामाजिक व राजनीतिक रूप से मजबूत रहा है। खेल के क्षेत्र में गांव ने समूचे हरियाणा प्रदेश में एक अलग पहचान बनाई है। इसलिए उन्हें अपने गांव पर गर्व है।
- राजबीर गिल, किसान नेता
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गांव में कबड्डी का खेल शुरू से ही बहुत प्रसिद्ध रहा है। इस खेल में गांव के खिलाड़ियों ने अपनी अलग पहचान बनाई है। इसलिए उन्हें अपने गांव के खिलाड़ियों पर गर्व है।
- धीरा राम गिल, ग्रामीण।
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गांव में खेती बाड़ी से लेकर पशुपालन का कारोबार बहुत अच्छा होता है। गांव के युवाओं ने शिक्षा के क्षेत्र में भी खूब नाम कमाया है। गांव में सभी बिरादरियों में अच्छा भाईचारा है।
- डॉ. धूप सिंह, सेवानिवृत्त पशु चिकित्सक