टोहाना। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने शनिवार को राजकीय विद्यालय में सावित्रीबाई फुले जयंती मनाई। इस दौरान संघ की ओर से सावित्रीबाई फुले जयंती को राष्ट्रीय महिला शिक्षिका दिवस घोषित करने, उन्हें विद्यालयी पाठ्यक्रम में अनिवार्य रूप से शामिल करने तथा भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की मांग का ज्ञापन उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) को सौंपा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्ण, रमनदीप कौर एवं जगदीश सैनी ने की, संचालन पूनम कुमारी ने किया। पूनम कुमारी ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने महिला शिक्षा, विधवा पुनर्वास, सामाजिक कुरीतियों, अंधविश्वास और पाखंड के विरुद्ध संघर्ष किया। उनके विचार समानता, समता और बंधुत्व की प्रेरणा देते हैं, इसलिए 3 जनवरी को राष्ट्रीय महिला शिक्षिका दिवस घोषित किया जाना चाहिए।
126 बच्चों ने लिया प्रतियोगिता में भाग
सर्व कर्मचारी संघ के राज्य महासचिव कृष्ण नैन ने बताया कि सावित्रीबाई फुले के जीवन, संघर्ष और विचारों से विद्यार्थियों को परिचित कराने के उद्देश्य से अध्यापक संघ ने 8 दिसंबर को ब्लॉक के 17 गांवों में 750 पुस्तकें वितरित की। उन्हीं पुस्तकों के आधार पर 25 दिसंबर को गांव के स्तर पर प्रतियोगिता करवाई गई थी। 3 जनवरी शनिवार को ब्लॉकस्तरीय प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 126 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
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ये रहे परिणाम
कक्षा 5 से 8 वर्ग में प्रथम स्थान पर गुरविंदर कौर (फतेहपुरी) को स्मृति-चिह्न एवं 1100 रुपये नकद, द्वितीय स्थान पर योगिता (बुढ़ानिया-बिढ़ाई खेड़ा) एवं नूर कौर (फतेहपुरी) को स्मृति-चिह्न एवं 800 रुपये प्रदान किए गए। तृतीय स्थान पर अन्नू रानी (धारसूल), हनोक (बिढ़ाई), नेहा (समैन), विनय (कलोईया-इंदाछोई), मीनाक्षी (लल्लुवाल) एवं प्राची (समैन) को स्मृति-चिह्न एवं 500 रुपये नकद पुरस्कार प्रदान किए गए।इसी प्रकार कक्षा 9 से 12 वर्ग में प्रथम स्थान पर गुड़िया रानी (दीवाना), प्रियंका (डांगरा) एवं अनु (धारसूल कलां), द्वितीय स्थान पर प्रिया (धारसूल खुर्द), संजना (अकांवाली) एवं जस्सी (धारसूल खुर्द) तथा तृतीय स्थान पर वर्षा (सनियाना), चाहत (सनियाना) एवं प्रीत (अकांवाली) को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। संघ ने 18 विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए।