फतेहाबाद। एक तरफ प्रदेश सरकार के पास दिन-रात मेहनत करने वाले रोडवेज कर्मचारियों को लाभ देने के लिए बजट नहीं है वहीं दूसरी ओर सरकार कोरोना काल में खड़ी रही ठेके की किलोमीटर स्कीम की बसों को 40 से 50 करोड़ की पेमेंट देकर सौगात दे रही हैं। रोडवेज कर्मचारी यूनियन एटक सरकार के एक फैसले का पुरजोर विरोध करती है। यूनियन ने प्रदेश के परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर इस मामले की जांच करवाने और पेमेंट की अदायगी रोकने की मांग की है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जांच नहीं करवाई तो यूनियन कोर्ट की शरण लेगी।
रोडवेज कर्मचारी यूनियन हरियाणा एटक के राज्य प्रधान निशान सिंह, राज्य महासचिव जयबीर घणघस, कार्यकारी प्रधान अनूप लाठर, फतेहाबाद डिपो प्रधान हनुमान वर्मा व सचिव संदीप जांडली ने बताया कि प्रदेश सरकार चालक व परिचालक से 18-18 घंटे की कठिन ड्यूटी लेकर बहुत कम वेतनमान देकर शोषण कर रही हैं। कर्मचारियों के अर्जित देय अवकाशों में नियमों के विपरीत बड़ी कटौती की गई हैं। रोडवेज कर्मचारियों को पिछले 8-9 सालों से बोनस नहीं दिया जा रहा हैं। रोडवेज विभाग में चालक, परिचालक, मैकेनिक, हेल्पर, चौकीदार आदि के हजारो पद खाली पड़े हैं और सरकार भर्ती नही कर रही हैं।
रोडवेज नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों को लाभ देने के समय सरकार के पास बजट नहीं होता हैं। कोरोना काल में कर्मचारियों का डीएी फ्रीज किया गया। दूसरी ओर सरकार कोरोना काल में ठेके की किलोमीटर स्कीम की खड़ी रही बसों को 40 से 50 करोड़ की पेमेंट देकर सौगात दे रही हैं। रोडवेज नेताओं ने इसे एक गंभीर मामला बताते हुए इस पर एतराज जताया हैं।