फतेहाबाद। ठंड और धुंध के मौसम को देखते हुए रोडवेज अधिकारियों ने शाम साढ़े पांच बजे से सुबह नौ बजे तक सभी बसों को शहर के भीतर से चलाने के आदेश जारी किए हैं। बावजूद इसके, कई चालक इन निर्देशों की अवहेलना कर रहे हैं। इनमें दूसरे जिलों से आने वाली बसें बाईपास का रूट अपना रही हैं।
इस कारण शहर के पुराने बस स्टैंड पर बसों के इंतजार में खड़े यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। शाम के समय सिरसा, हिसार, रतिया, टोहाना, भूना, उकलाना और नरवाना रूट पर बसों की अधिक मांग होती है, लेकिन शहर के भीतर बसें न आने से यात्रियों को निर्धारित समय से कई बार लंबा इंतजार करना पड़ता है।
हिसार और सिरसा रूट के यात्री, जिनमें जिला मुख्यालय से अन्य जिलों में ड्यूटी करने आने वाले कर्मचारी शामिल हैं, को समस्या होती है। बस नहीं मिलने पर उनका आगे का सफर प्रभावित हो जाता है। बुजुर्ग, दिव्यांग और महिलाएं भी असुविधा झेलती हैं, क्योंकि युवा और पुरुष बस मिलने पर तुरंत चढ़ जाते हैं, जबकि वे खाली सीट का इंतजार करते रहते हैं।
यात्री और कर्मचारी दोनों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि बसों के समय और रूट की कड़ाई से निगरानी की जाए, ताकि हर यात्री समय पर बस प्राप्त कर सके और कोई असुविधा न हो और वे अपने गंतव्य पर समय पर पहुंच सकें।
निजी वाहन चालकों की चांदी
- पुराना बस स्टैंड पर खड़े यात्री दिलबाग, हैप्पी सांगवान, संदीप कुमार, राजेंद्र कुमार, बिट्टू, रेनू आदि ने बताया कि समय पर बस नहीं आने से निजी वाहन चालकों की चांदी रहती है। जैसे ही बस स्टैंड पर भीड़ बढ़ने लगती है तो निजी वाहनों पर सवारी ढोने वाले सक्रिय हो जाते हैं। भीड़ को देखते ही वे अपनी गाड़ी लेकर आ जाते है और रूट के लिए सवारियां भरनी शुरू कर देते हैं। एक गाड़ी भरते ही दूसरी गाड़ी वहां पर लग जाती है। इन गाड़ियों में ज्यादातर वे लोग होते है जिन्हें आगे जाकर दूसरी बस पकड़नी होती है। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर वे बस से ज्यादा किराया भी वसूलते हैं।
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बसों को शहर के अंदर से जाने के आदेश दिए हुए है, अगर तय समय के अनुसार बसें बाईपास या शहर से होकर जाती है उसकी निगरानी की जाएगी।
- सुरेंद्र सिंह, यातायात प्रबंधक रोडवेज फतेहाबाद।