फतेहाबाद। नगरपरिषद कार्यालय में धरना देकर बैठे कर्मचारीस्त्रोत संघ
फतेहाबाद। नगर परिषद कर्मचारियों और सरकार की लड़ाई का असर सड़क पर दिखने लगा है। शहर की मुख्य सड़के कचरे से भर चुकी हैं। हालात ये है कि पैदल गुजरना भी मुश्किल हो गया है। हिसार रोड पर ताऊ देवीलाल मार्केट में सड़कें कचरे से पूरी तरह से बंद हो गई हैं। जिले के पांचों शहरों फतेहाबाद, रतिया, टोहाना, भूना और जाखल में डेढ़ हजार टन कचरा जमा हो चुका है।
प्रशासन सोमवार को शहर की सड़कों पर फैला कचरा उठाने का प्रयास कर सकता है। नगर परिषद प्रशासन दो बार पुलिस फोर्स मांग चुका है।दूसरी तरफ नगर परिषद कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल रविवार को 10वें दिन भी जारी रही। सरकार द्वारा बातचीत की पहल न करने से कर्मचारियों में रोष है। रविवार को हड़ताल की अध्यक्षता नगरपालिका कर्मचारी संघ के इकाई प्रधान नरेश राणा ने की जबकि मंच संचालन सचिव ओम प्रकाश लोट ने किया।
हड़ताल पर डटे सफाई कर्मचारियों, ऑफिस स्टाफ और दमकलकर्मियों ने संयुक्त रूप से कहा कि सरकार की हठधर्मिता के कारण उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। कर्मचारियों ने शहरवासियों से असुविधा के लिए खेद जताते हुए कहा कि वे स्वयं नहीं चाहते कि शहर में गंदगी फैले या महामारी का खतरा पैदा हो लेकिन सरकार उनकी जायज मांगों को अनसुना कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि यदि सरकार आज उनकी मांगें मान लेती है तो वे महज 48 घंटे के भीतर पूरे शहर से कूड़ा उठाकर उसे पूरी तरह चकाचक कर देंगे।
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मंत्री बेदी पर कर्मचारी नेता साध रहे निशाना
कर्मचारी नेता नरेश राणा व ओमप्रकाश लोट ने ने समाज के प्रतिनिधियों और सरकार में मंत्री कृष्ण बेदी की चुप्पी पर भी निराशा व्यक्त की। उन्होंने मांग की कि ठेका प्रथा को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए और सभी ठेकाकर्मियों को विभाग के रोल पर लेकर नियमित किया जाए। इसके अलावा, 16 फरवरी को फरीदाबाद अग्निकांड में जान गंवाने वाले दमकल कर्मियों के परिवारों को न्याय और उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। यूनियन ने शासन-प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि हड़ताल के दौरान जबरदस्ती सफाई करवाने या अन्य कार्य करवाने की कोशिश की गई तो कर्मचारी चुप नहीं रहेंगे और आंदोलन को और अधिक उग्र कर दिया जाएगा।