फतेहाबाद। नगर परिषद के बैंक खाते में करीब 84 करोड़ रुपये जमा होने के बावजूद शहरवासी अंधेरी सड़कों और खराब स्ट्रीट लाइटों की समस्या से जूझ रहे हैं। हालात यह हैं कि शहर में हजारों स्ट्रीट लाइट प्वाइंट होने के बावजूद खराब लाइटों को बदलने का काम लंबे समय से अटका हुआ है।
विडंबना यह है कि इतने रुपये होने के बाद भी नगर परिषद अब तक हाइड्रोलिक सीढ़ी तक नहीं खरीद पाया है। इस कारण ऊंचाई पर लगी खराब लाइटों का मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों की लापरवाही से स्ट्रीट लाइटें देने वाली एजेंसी ने वारंटी पीरियड में भी इन्हें बदलने से इन्कार कर दिया है। करीब 400 लाइटें नगर परिषद के स्टोर में जमा हो चुकी हैं। इसमें 45, 90 और 150 वाट की लाइटें भी शामिल हैं।
शहर में करीब सात हजार स्ट्रीट लाइट प्वाइंट हैं। इनमें से 400 से अधिक लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हैं। नगर परिषद अधिकारियों के अनुसार संबंधित एजेंसी ने वारंटी पीरियड के दौरान भी खराब लाइटें बदलने से इन्कार कर दिया। इसके चलते कई कॉलोनियों और मुख्य मार्गों पर रात के समय अंधेरा पसरा रहता है।
लोगों को आवागमन में परेशानी के साथ सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। कई बार शिकायत देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। भट्टू रोड पर एक माह से लाइटें खराब हैं। यही हालात हिसार-सिरसा रोड के हैं। रात के समय अंधेरे के कारण दुर्घटनाओं और चोरी की घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।
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हाउस में प्रस्ताव पास, फिर भी अटके प्रोजेक्ट
नगर परिषद हाउस की बैठक में नई स्ट्रीट लाइटें खरीदने और हाइड्रोलिक सीढ़ी लेने का प्रस्ताव पहले ही पास हो चुका है लेकिन इसके बावजूद खरीद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही। चार साल बीतने के बाद भी परिषद सीढ़ी नहीं खरीद पाया है। जवाहर चौक निवासी महेश कुमार, अशोक नगर निवासी विकास का कहना है कि परिषद के पास पर्याप्त बजट होने के बावजूद विकास और मूलभूत सुविधाओं के कार्यों में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। करोड़ों रुपये बैंक खाते में पड़े हैं लेकिन लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
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वर्ष 2024 में ये मिली थी लाइटें
शहर लाइटें मिली
फतेहाबाद 2050
रतिया 1300
टोहाना 2500
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हैरानी की बात है कि नगर परिषद प्रशासन हाइड्रोलिक सीढ़ी नहीं खरीद पा रहा है। नई लाइटों और सीढ़ी के लिए हाउस में प्रस्ताव भी पास है। यही नहीं खराब हुई लाइटें को कंपनी द्वारा बदला जाना चाहिए लेकिन अधिकारियों गौर नहीं कर रहे हैं। इस संबंध में पार्षद अधिकारियों से भी मिल भी चुके हैं।
- मोहन लाल नारंग, पार्षद
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शहर में जो भी लाइटें खराब है उन्हें बदलवाया जाएगा। सीढ़ी की खरीद भी जल्द कर ली जाएगी। इस संबंध में अधिकारियों से बात की जाएगी और समाधान करवाया जाएगा।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान, नगर परिषद