विजिलेंस विभाग की टीम ने नहरी विभाग के पटवारी सतीश कुमार को चार हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी ने यह घूस एक फाइल पर एसडीओ और जेई के साइन कराने के लिए ली थी।
अग्रवाल कॉलोनी निवासी अजय बिश्नोई पुत्र शिवकुमार ने विजिलेंस टीम को दी शिकायत में बताया था कि उसकी गांव हिजरांवा खुर्द में 24 एकड़ जमीन है, जिसे वह अनकमंाड से कमांड कराना चाहता था अर्थात वह रताखेड़ा माइनर से अपने खेत में नाला ले जाना चाहता था। ताकि उसके सरकारी खाल से सिंचाई हो सके।
अजय ने बताया कि इसके लिए उसने पिछले 4 महीने से नहरी विभाग में फाइल लगा रखी थी। दो-तीन दिन पहले जब उसने एचडीसी सतीश कुमार को फाइल निकालने के लिए कहा तो उसने कहा कि 4 हजार रुपये दे दो एसडीओ और जेई से साइन कराकर फाइल निकाल दूंगा, जिसकी सूचना अजय ने विजिलेंस टीम को दे दी।
विजिलेंस ने क्लर्क को रंगेहाथ पकड़ने की प्लानिंग बनाई। विजिलेंस के इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा ने फतेहाबाद के उपायुक्त राजीव रतन को इसकी जानकारी देकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने की मांग रखी।
डीसी ने तहसीलदार दर्शन कुमार को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट विजिलेंस के साथ भेज दिया। विजिलेंस के इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट दर्शन कुमार के नेतृत्व में अजय बिश्नोई को केमिकल लगे हुए हजार-हजार रुपये के चार नोट दिए। अजय बिश्नोई ने जब उसी के कार्यालय में सतीश कुमार को 4 हजार रुपये की रिश्वत दी तो टीम ने उसी समय रेड कर दी और सब डिवीजन क्लर्क को रंगे हाथों पकड़ लिया।
विजिलेंस की टीम में सब इंस्पेक्टर गोपाला राम, सत्यावान, एएसआई बलराम, हेड कांस्टेबल रामफल, एएसआई जिले सिंह मौजूद थे। विजिलेंस के हिसार स्थित थाना में एचडीसी सतीश कुमार के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। सतीश कुमार को शुक्रवार को सीजेएम की अदालत में पेश किया जाएगा।