रतिया। अनाज मंडी में शनिवार को शेलर एसोसिएशन की बैठक हुई। इसमें शेलर मालिकों ने सरकार से चावल लगाने की समय सीमा कम से कम तीन माह बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय सीमा में काम पूरा करना मुश्किल है।
बैठक एसोसिएशन के प्रमुख रमेश गर्ग पप्पू के कार्यालय में हुई। अध्यक्षता शेलर एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज जिंदल मोनू ने की। शेलर मालिकों ने बताया कि पिछले करीब दो-तीन माह से शेलर बंद पड़े थे। अब शेलर चलने शुरू हुए हैं। सरकार ने चावल लगाने के लिए 30 सितंबर तक की समय सीमा तय की है। ऐसे में उन्हें चावल लगाने के लिए करीब 15 दिन का ही समय मिल रहा है।
शेलर मालिकों के अनुसार इतनी कम अवधि में चावल लगाने की प्रक्रिया पूरी करना संभव नहीं है। इस समय सबसे बड़ी समस्या मजदूरों की कमी है। शेलरों में पर्याप्त संख्या में श्रमिक उपलब्ध नहीं हैं। तैयार चावल डिपो तक पहुंचाने के लिए वाहनों की भी कमी है। डिपो में श्रमिकों की कमी से वहां काम प्रभावित हो रहा है। चावल लगाने से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं में भी दिक्कतें आ रही हैं।
शेलर मालिकों ने बताया कि पंजाब सरकार ने समय सीमा बढ़ाकर करीब दो माह का अतिरिक्त समय दिया है। इसके विपरीत हरियाणा में शेलर मालिकों को काफी कम समय मिला है। उन्होंने हरियाणा में भी कम से कम तीन माह का अतिरिक्त समय देने की मांग की। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त समय मिलने से निर्धारित प्रक्रिया के तहत चावल वापस लगाया जा सकेगा।
शेलर मालिकों ने कहा कि समय सीमा नहीं बढ़ी तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। कम समय में चावल वापस नहीं लग पाने से जमादारियों और शेलर मालिकों की भुगतान प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है। रिकवरी के लिए नोटिस मिलने की स्थिति भी बन सकती है। इससे शेलर मालिक आर्थिक संकट में फंस सकते हैं।
उन्होंने सरकार से समस्या को गंभीरता से लेने और समय सीमा बढ़ाने की मांग की। शेलर मालिकों ने कहा कि मांग पर विचार नहीं हुआ तो भविष्य में नए समझौते करने और चावल लगाने की प्रक्रिया में भी दिक्कतें आ सकती हैं। बैठक में अमन जैन, सोनू जिंदल, राजकुमार, शंटी, राजू आदि मौजूद रहे।