जाखल। शहर के सबसे छोटा वार्ड 3 में दूषित जल निकासी के लिए सीवर लाइन और स्वच्छ पेयजल के लिए पाइप लाइन ही डाली गई है। परंतु कई गलियां अभी कच्ची हैं। 340 मतदाता वाले इस वार्ड की सबसे खास बात यह है कि यहां पर 10 से अधिक उद्योग हैं, उसके बाद यहां के लोगों को जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
साल 2017 में नगरपालिका के गठन होने के बाद से अबकी बार प्रधान पद का सीधा चुनाव होगा। वार्ड 5 को काटकर वार्ड 3 बनाया गया है।यह वार्ड सामान्य वर्ग के लिए है। 340 वोट वाले वार्ड में 181 पुरुष तथा 159 महिला मतदाता हैं। वार्ड में नंद काॅलोनी और एक गली मास्टर काॅलोनी की जुड़ी हुई है। इस वार्ड में 10 से अधिक उद्याेग हैं।
नगरपालिका के गठन होने के बाद से यहां गलियां बनाना भूल गया है। यहां गलियों में सीवर के लिए बनाए गए चैंबर जमीन से काफी ऊंचे हैं। इससे वार्ड में आवागमन के दौरान चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गली कच्ची होने के कारण बारिश के दिनों में तो गुजरना काफी मुश्किल हो जाता है। कीचड़ और फिसलन से हादसे होने की आशंका बनी रहती है। वहीं गलियों में स्ट्रीट लाइट भी नहीं लगी हैं। जिससे रात होते ही अंधेरा छा जाता है।
वार्ड की यह है सीमा
वार्ड तीन की सीमा हरियाणा, पंजाब को जोड़ने वाले बलरां रोड से शुरू होकर कडेल बैरियर से लेकर पंजाब की सीमा के साथ-साथ वापिस शहर के चंडीगढ़ रोड पर स्थित पंजाब नेशनल बैंक तक है।
वार्ड में है शनिदेव मंदिर
वार्ड में शहर का सबसे प्रसिद्ध शनिदेव मंदिर स्थित है। यह मंदिर वार्ड की नंद काॅलोनी में बना है। यह मंदिर करीब 17 वर्ष पहले बनाया गया था। इस मंदिर की खासियत यहां का नर्मदेश्वर शिवलिंग है। इसके अलावा वार्ड में शहर का निजी डीएवी स्कूल भी बना है।
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वार्ड 5 से वार्ड 3 को बनाया गया है। वार्ड में कुछ गलियों का निर्माण अभी भी अधूरा पड़ा है। ऐसे में इस बार चुने जाने वाले प्रत्याशी से सभी कार्य पूरे होने की उम्मीद है। वार्ड में सफाई व्यवस्था सही नहीं होने को लेकर काफी रोष है।
-जीवन शर्मा, निवासी वार्ड 3
वार्ड में गलियों के निर्माण कार्य के साथ-साथ स्ट्रीट लाइट तक नहीं लगी हैं। सफाई कर्मचारी यहां कभी-कभी आते हैं, जिससे लोगों में काफी रोष है। ऐसे में इस बार ऐसे प्रत्याशी को चुना जाएगा जो वार्ड में विकास कार्य करवा सके।
-बंसीलाल गोयल, निवासी वार्ड 3