फतेहाबाद। फतेहाबाद में जुलाई माह में हुई भीषण बारिश व बाढ़ के कारण हुई फसलों के खराब होने की रिपोर्ट सरकार तक पोर्टल के माध्यम से पहुंच गई है। पटवारियों व स्थानीय प्रशासन द्वारा फसल खराबे की वेरिफिकेशन होनी थी जो पूरी हो चुकी है और पोर्टल के माध्यम से यह रिपोर्ट सरकार तक पहुंच गई है।
फतेहाबाद में 189 गांवों के 10030 किसानों ने अपनी 76 हजार 196 एकड़ जमीन पर अपनी फसल खराब होने का ब्यौरा ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर डाला था। इसके बाद पटवारियों, कानूनगो, एसडीएम व डीसी ने इन फसलों की वेरिफिकेशन पूरी करनी थी जो पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट सरकार तक जा चुकी है। पोर्टल पर ही यह काम होना था, केवल अधिकारियों को फसल खराबे की वेरिफिकेशन करनी थी। जिसे समय रहते पूरा करके रिपोर्ट सरकार तक भेज दी गई है। ज्ञात रहे कि सरकार की ओर से किसी भी प्राकृतिक आपदा को लेकर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की घोषणा की गई है। साथ ही पशुओं के लिए 15 हजार, मकानों के लिए 10 हजार तथा अन्य नुकसान के लिए पांच हजार रुपये देने का प्रावधान किया हुआ है।
बाढ़ व बारिश के कारण 1452 मकानों को हुआ नुकसान
इस बार बाढ़ व बारिश के कारण मकानों को नुकसान के लिए 1452 लोगों ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपने मकानों को नुकसान का ब्यौरा दिया है। इसके अलावा 42 पशुओं की मौत व 27 मामले ऐसे भी आए हैं, जिसमें बाढ़ के कारण लोगों ने अपने कपड़े व बर्तन खराब होने की जानकारी दी है।
कोट
सरकार द्वारा आठ सितंबर तक पहले फसल खराबे व मकानों को नुकसान की रिपोर्ट भेजनी थी। मकानों व अन्य नुकसान की वेरिफिकेशन में दी हुई थी, लेकिन अब पोर्टल पर पूरा डाटा डाल दिया गया है।
-सुरेश कुमार, जिला राजस्व अधिकारी, फतेहाबाद।