इसके लिए विशेषकर सी.आई.ए. स्टाफ ने अनेक संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ आरंभ कर दी है। पुलिस सूत्रों से पता चला है कि पुलिस ने इस मामले में न केवल उन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है, जो युवक उपरोक्त हर्षद के साथ निरंतर रहते थे, बल्कि संबंधित युवकों के मोबाइल की लोकेशन को भी खंगालना आरंभ कर दिया है।
बताया जाता है कि पुलिस ने सर्वप्रथम उस युवक को हिरासत में लिया है जो हर्षद को अपने बाइक द्वारा टोहाना रोड पर स्थित दशमेश अस्पताल के समीप छोड़ने के लिए आया था।
उसकी निशानदेही पर ही अन्य युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। हालांकि पिछले एक सप्ताह से संदिग्ध युवकों से की गई पूछताछ को लेकर पुलिस ने अभी तक कोई भी पुष्टि नहीं की है, लेकिन इस बात की चर्चा है कि हर्षद जग्गा के संदिग्ध हत्या के मामले को पुलिस जल्दी ही पटाक्षेप कर देगी।
गौरतलब है कि अक्तूबर माह के दौरान हर्षद जग्गा संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। शहर पुलिस चौकी में मामला दर्ज किया गया था।
लापता होने के दूसरे दिन ही हर्षद जग्गा का शव फतेहाबाद में स्थित पपीहा पार्क के समीप सुनसान स्थान पर संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया था। उसका मोबाइल भी गायब था।
मामले को लेकर पुलिस ने जिला महामंत्री की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ शव को खुर्द-बुर्द करने व हत्या का मामला दर्ज किया था।
मामले का एक माह बीत जाने के बाद भी पुलिस ने मामले में कोई गुत्थी नहीं सुलझाई थी। बल्कि निवर्तमान पुलिस कप्तान ने अत्यधिक नशे का सेवन करने से मौत होने के संकेत दिए थे।
बताया जाता है कि पिछले दिनों जब हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज शोक व्यक्त करने के लिए जिला महामंत्री के आवास पर पहुंचे थे तो उस दौरान परिवार के सदस्यों के अलावा अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाए थे।
जिसके पश्चात उन्होंने अन्य एजेंसी से जांच करवाने और लापरवाह पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दे दी थी। स्वास्थ्य मंत्री की चेतावनी को देखते हुए ही पुलिस प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया और मौजूदा पुलिस कप्तान ने उपरोक्त संदिग्ध हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए विशेष टीमें गठित कर दी।