फतेहाबाद सहित हिसार रेंज के सभी जिलों में ऐसे पुलिस अधिकारियों की पहचान कर उन्हें पब्लिक डीलिंग वाले स्थानों से बदला जाएगा, जो किसी भी प्रकार का नशेड़ी प्रवृति के हैं या फिर बहुत जल्द आपा खो देते हैं और तनाव में रहते हैं। इतना ही नहीं, फतेहाबाद में भी अब आर्मी की तर्ज पर पुलिसमैन एवं ऑफीसर्स वाइव्ज एसोसिएशन बनाने की पहल की जाएगी। ये नर्देेश हिसार रेंज के आईजी ओपी सिंह ने जारी किए हैं। बीते दिन सिरसा में एक मुंशी द्वारा अपनी पत्नी व बच्ची को मारने की घटना के बाद आईजी ने ये आदेश जारी किए हैं।
पुलिस अधीक्षकों को भेजे आदेश में आईजी ने साफ तौर पर कहा है कि पुलिस वेलफेयर ब्रांच और महिला थाना प्रभारी मुख्यालय द्वारा भेजे गए आदेशों के अनुसार एक्शन लें।
ये आदेश किए हैं जारी
1. आर्मी की तर्ज पर पुलिसमैन एंड ऑफिसर्स वाइव्ज एसोसिएशन बनाएं और मिलते-जुलते चार्टर को लागू करें।
2. आसानी से आपा खोने वाले, तनाव में रहने वाले और नशेडी किस्म के मुलाजिमों की पहचान कर उन्हें पब्लिक डीलिंग वाली जगह से हटायें। व्यवहार परिवर्तन के क्षेत्र में सक्रिय एनजीओ की मदद से पुलिस लाइन में इनके लिए संतुलित व्यवहार के लिए प्रेरित करने वाले प्रशिक्षण कोर्स का आयोजन करें।
3. रोज चार सिपाही-हवलदार का व्यक्तिगत इंटरव्यू लें और उनके मानसिक स्थिति का आंकलन करें। जहाँ तक संभव हो उनकी वर्क कंडिशन को ठीक कर उन्हें एक सभ्य जीवन शैली के लिए प्रेरित करें।
4. क्राइम अगेंस्ट वूमेन सेल/ पुलिस डीएवी स्कूल के शिक्षक-प्रिन्सिपल को कहें कि पुलिसकर्मियों एवं अधिकारियों की पत्नियों से बात-मुलाकात करें। अगर कहीं समस्या है तो प्राथमिकता पर उसका निदान कराएं। उनके लिए स्वरोजगार या काम ढूंढने में आवश्यकतानुसार सहायता करें।
5. पुलिस लाइन में प्रति माह सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करें जिसमें पुलिसकर्मियों एवं उनकी पत्नियों/बच्चों की सहभागिता हो।
6. अपने अधीनस्थ कर्मियों से सतत संपर्क में रहें। उन्हें दिशा देते रहें और तय करें कि हत्या, आत्महत्या जैसे मामले घटित ना हों।
इस बारे में बात करने पर आईजी ओपी सिंह ने बताया कि सिरसा में एक पुलिसकर्मी द्वारा अपनी बीवी और बच्ची को मारने का मामला सामने आया है जो बहुत दुखद घटना थी। तनाव के कारण ऐसी वारदातें होती हैं, इसलिए हिसार रेंज के सभी पुलिस अधीक्षकों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि वो प्रतिदिन चार पुलिसकर्मियों से बात कर उनके मानसिक स्थिति का अवलोकन करें। इसके अलावा गुस्सैल टाइप के पुलिसकर्मियों को पब्लिक डीलिंग से दूर डयूटी देने जैसे कई निर्देश शामिल हैं।